करनाल। पिछले कई दिनों से मानसून सक्रिय होने का इंतजार था, लेकिन मंगलवार को मानसून की पहली बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। 190 एमएम बारिश से स्मार्ट सिटी की सड़कें तालाब बन गईं। सुबह से लगभग तीन घंटे तक हुई बारिश में दो से तीन फीट तक सड़कों पर जलभराव हो गया। सैकड़ों घरों और दुकानों में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ। बड़ी संख्या में लोग पूरे दिन ऊंचे स्थानों पर बैठकर पानी निकलने का इंतजार करते नजर आये।
जिले में लगभग एक माह से लोगों को बारिश का इंतजार था। एक ओर जहां धान की रोपाई के लिए किसान आसमान की ओर नजरें गड़ाए थे, वहीं दूसरी ओर गर्मी से आमजन परेशान थे। मानसून लगातार दगा दे रहा था। देर से सक्रिय हुए मानसून ने एक ही दिन में सारी कसर पूरी कर दी। इससे सेक्टर क्षेत्र, बाजार, कालोनियां, पार्क, सड़कें, राष्ट्रीय राजमार्ग, एचएसवीपी के खाली मैदान सहित तमाम जगहों पर पानी भर गया। यही नहीं सैकड़ों लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। इस दौरान दुकानदार और परिवार के सदस्य अवरोधक लगाने व बचाव में जुटे रहे, लेकिन पानी के आगे तमाम व्यवस्थाएं फेल नजर आईं। अधिक बारिश से पुरानी सब्जी मंडी पुल के समीप मुगल कैनाल ओवरफ्लो हो गई और पानी सड़क पर बहने लगा। पानी इतना ज्यादा था कि मुगल कैनाल भी जवाब दे गई, जबकि मुगल कैनाल शहर के पानी निकासी का मुख्य जरिया है। स्थिति यह रही कि शाम तक पानी की निकासी नहीं हो सकी, जिस कारण कई घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके। ऐसे में निर्मल कुटिया सहित अन्य संस्थाएं मदद के लिए आगे आईं और विभिन्न इलाकों में लोगों को खाना पहुंचाया।
दूसरी ओर बारिश कम होने पर विभिन्न क्षेत्रों के वार्ड पार्षदों ने भी जलभराव का जायजा लिया। वार्ड आठ की पार्षद मेघा भंडारी, वार्ड नौ से मुकेश अरोड़ा, वार्ड दस से वीर विक्रम कुमार बरसात के बीच पानी निकासी के इंतजाम देखने निकले। विक्रम कुमार ने स्वयं सीवरेज के ढक्कन खोले और निकासी कार्य में जुटे रहे। मेघा भंडारी ने कहा कि मुगल कैनाल का पंप खराब हो गया था जिस कारण यह कैनाल ओवरफ्लो हो गई है।
- रेलवे रोड स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्वॉयज की 400 फीट लंबी दीवार गिर गई।
- जुंडला गेट से कमेटी चौक तक घुटनों से ऊपर पानी भरा। इस क्षेत्र में हजारों घरों व दुकानों में पानी घुस गया।
- घंटाघर चौक से रेलवे रोड, कर्ण गेट मार्केट, पुराना जीटी रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड क्षेत्र में सड़कें पानी में डूबी रहीं। अधिकतर दुकानों में पानी घुस गया। इस क्षेत्र में सौ से अधिक स्कूटी व बाइक पानी में डूब गई। कारें व ऑटो पानी में फंसकर खराब हो गए।
- सेक्टर-12 लालबत्ती चौक से सेक्टर-13 की मुख्य सड़क पूरा दिन पानी में डूबी रही। वहीं जिला सचिवालय तक जलभराव के कारण पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
- सेक्टर-13 में श्यामलसेन अस्पताल के समीप स्थित पार्क व सड़कें पानी से भर गये। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कालोनी मार्केट व मुगल कैनाल मार्केट तक कई फुट पानी खड़ा रहा। इस सड़क पर ही करीब 50 कारें पानी में बंद हो गईं, जिन्हें टोचन करके निकालना पड़ा।
- मुगल कैनाल के समीप लगती माता बसंती कॉलोनी व लाभ सिंह कालोनी में सैकड़ों घरों में कई-कई फुट पानी भर गया। घरों में रखा सारा सामान खराब हो गया। लाभ सिंह कालोनी में हालात और ज्यादा बदतर हो गए। यह शहर के मध्य का पुराना विकसित क्षेत्र है। यहां घर में रखे फ्रिज, बेड, सोफे, खाने का सामान, कपड़े, अनाज सहित तमाम सामान पानी की भेंट चढ़ गया। इन कालोनियों में पूरा दिन किसी के घर में खाना नहीं बन सका। माता बसंती कालोनी में 250 घरों में जलभराव हुआ। पानी निकासी के लिए लोग खुद सीवरेज की सफाई में जुटे रहे।
- आईटीआई चौक पानी में डूबा रहा। यहां से कुंजपुरा रोड पर हवाई पर बुढाखेड़ा तक जलभराव हो गया। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के परिसर में पानी खड़ा रहा।
- सेक्टर नौ में कम्यूनिटी सेंटर के सामने वाली सड़क पर तीन फुट तक पानी जमा होने से रास्ता बाधित हो गया। इस सड़क से कार व बाइक निकालना मुश्किल था।
- राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतगुरु ब्रहानंद चौक पर जलभराव हुआ।
- मॉडल टाउन से अस्पताल चौक की ओर जाने वाला रास्ता ओल्ड मुगल कैनाल फेज वन सड़क पर तीन फुट से ज्यादा पानी भर गया। यह रास्ता जलभराव के कारण बंद रहा।
- कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भी जलभराव हुआ, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ी।
- सेक्टर 12 संडे मार्केट के समीप एचएसवीपी के मैदान में बनी झुग्गियां पानी में डूब गईं। करीब 50 परिवारों को रहने के लिए इधर उधर शरण लेनी पड़ी।
- सेक्टर-13 में घरों में पानी घुस गया। बच्चे व बुजुर्ग ऊंचे स्थानों पर बैठे रहे। सेक्टरवासियों ने उपायुक्त को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि गलियों में टाइलें तो लगा दी लेकिन उनकी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की गई।
- दुर्गा कालोनी, फूसगढ़, उत्तम नगर कालोनी में जलभराव के कारण घरों में पानी घुस गया। कई घंटे महिलाएं घरों से पानी निकालती रहीं। फूसगढ़ से दुर्गा कालोनी तक सड़क पानी में डूबी रही और आवागमन प्रभावित हो गया।
- बसंत विहार क्षेत्र में सीवर की नई लाइनें हाल ही में डाल गई थी, इसके बावजूद यहां जलभराव से घरों में सीवर का पानी घुस गया। आशंका जताई गई कि कहीं सीवरलेन में बरसाती पानी डाल दिया गया, जिस कारण पानी घरों में बैक मार रहा है।
बारिश ने तोड़ा तीन दशक का रिकार्ड
जिले में जुलाई में अब से पहले एक दिन में कभी नहीं हुई 190 एमएम वर्षा
करनाल। जिले में मंगलवार को हुई मानसून की बारिश ने तीन दशक का रिकार्ड तोड़ा है। जुलाई के महीने में अब से पहले कभी एक दिन में 190 एमएम वर्षा नहीं दर्ज हुई। जिले में प्राय: जून के अंत में प्री-मानसून व जुलाई की शुरुआत में मानसून की वर्षा हो जाती थी। किंतु इस बार 15 दिन देरी से मानसून आया और कुछ घंटों में ही शहर से देहात तक पानी-पानी हो गया।
----------
इन तिथियों पर जुलाई में हुई एक दिन में रिकार्ड वर्षा
तिथि वर्षा (एमएम)
4 जुलाई 1988 156.0
28 जुलाई 1990 159.8
12 जुलाई 1993 103.0
9 जुलाई 1994 105.4
28 जुलाई 2018 100.7
4 जुलाई 2020 121.0
-----------
जिले में 13 जुलाई को दो दशक में हुई बारिश का आंकड़ा
तिथि वर्षा (एमएम)
2001 0.0
2002 0.0
2003 9.9
2004 0.0
2005 0.4
2006 0.0
2007 0.0
2008 11.2
2009 2.8
2010 5.8
2011 0.0
2012 0.0
2013 0.0
2014 0.0
2015 3.2
2016 0.0
2017 0.4
2018 0.0
2019 0.0
2020 15.0
2021 190.0
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की मौसम इकाई से प्राप्त आंकड़ा
एक दिन में 190 एमएम पानी गिरा है। यह बहुत ज्यादा वर्षा मानी जाती है। हालांकि मानसून के सीजन में करनाल में 220 एमएम तक वर्षा हुई है। शहर की ड्रेनेज प्रणाली 100 से 120 एमएम के लिए डिजाइन होती है। ज्यादा वर्षा अधिकतर नुकसान देती है, लेकिन यह वर्षा फसलों के लिए फायदेमंद है।
-डा. डीएस बुंदेला, प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, सिंचाई जल निकास एवं अभियांत्रिकी विभाग, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल।