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गर्मी ने रुलाया, पारा 43 डिग्री पहुंचा

Fri, 02 May 2014 12:34 AM IST
अमर उजाला करनाल
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मई महीने के पहले दिन ही गर्मी ने लोगों की तौबा करा दी है। पारा पहले दिन ही 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी दिन 39.5 डिग्री तापमान रहा था।
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वीरवार को तापमान पिछले साल के मुकाबले करीब साढे़ तीन डिग्री अधिक है। उधर, करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू के थपेड़ों दिनभर लोगों को रुलाए रखा। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी लोगों को पारा बढ़ने के कारण और बेहाल कर सकती है।

अगले 24 घंटे में आसमान में बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश नहीं होने की संभावना बनी है। शाम को करीब पांच बजे आसमान में तेज हवाओं के साथ धूल उड़ी और लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। पूरा आसमान धूल कणों से अट गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वीरवार को पारा 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में नमी सुबह के समय 47 प्रतिशत और शाम के समय 10 प्रतिशत दर्ज की गई। वाष्प दाब सुबह के समय 9.7 एमएम और सुबह के समय 4.6 एमएम दर्ज किया गया। करीब 7.6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली।

यह हवाएं पश्चिम से पूर्व की ओर चली। दर्ज किए गए आंकडों के अनुसार इस वर्ष अधिक गर्मी पड़ने के आसार बने है। गर्मी के कारण वीरवार को दोपहर में सड़कों पर भी आवाजाही कम नजर आई। लोग पूरा दिन गर्मी और ले से बचने के प्रयास करते रहे। लोगों को गर्मी के कारण पसीने ने भी बेहाल किया।

अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीज
करनाल। गर्मी ने मरीजों की आफत बढ़ा दी है। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर के वार्डों में कूलर तक की व्यवस्था नहीं है। मरीजों और उनके तीमारदारों की बात सुनें तो वह लोग गर्मी से बेहाल हैं। ट्रामा सेंटर में दो वार्ड बने हैं। दोनों में पंखे चालू हालत में है, लेकिन कूलर एक भी नहीं है। कई दिनों से गर्मी लोगों को बुरी तरह रुला रही है। वीरवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्मी की तपन से ट्रामा सेंटर के दोनों वार्डों में शामिल करीब बीस मरीजों का गर्मी का कारण बुरा हाल हो रहा है। गर्मी और ऊपर से पंखों की गर्म हवा से मरीजों की जान पर बन रही है। कोई सुनने वाला नहीं। मरीजों बताया कि उनके दिन-रात बड़ी मुश्किल से कट रहे हैं। केवल एक सेंट्रल कूलर चलता है। इंजेक्शन रूम में भी कूलर की व्यवस्था नहीं है। औषधिकारक के कमरे में भी कूलर की व्यवस्था नहीं है।
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