- देश में 60 से 70 प्रतिशत रकबे तक पहुंची सीओ-0238 की गन्ना किस्म, अब नए अवतार में मिलेगी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। क्षेत्रीय गन्ना अनुसंधान केंद्र करनाल ने करीब 14 साल पहले रिलीज की गई सीओ-0238 और सीओ-0118 प्रजातियों को टिशू कल्चर तकनीक से नई ऊर्जा के साथ नई बीज के रूप में किसानों को देने की तैयारी कर ली है। जिसके लिए टिशू कल्चर लैब शुरू कर दी गई है। जिसमें बीज तैयार होने लगा है। ये नया बीज नई उत्पादन क्षमता के साथ लाल सड़न के साथ-साथ कई वायरस, बैक्टीरिया व फफूंद रोगों से मुक्त होगा।
क्षेत्रीय गन्ना अनुसंधान केंद्र करनाल के अध्यक्ष डॉ. एमएल छावड़ा ने बताया कि सीओ-0238 प्रजाति को करनाल केंद्र ने फरवरी 2009 में रिलीज किया था। इसमें कई खूबियां हैं, चीनी का औसत और उत्पादन क्षमता काफी बेहतर है। यही कारण रहा कि बीते सालों में हरियाणा में करीब 50 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश आदि उत्तर भारत के कई गन्ना उत्पादक राज्यों में यह 60 से 70 फीसदी किसानों के खेतों में उगाई जाने लगी है।
पिछले कुछ सालों में इस प्रजाति में लाल सड़न जैसे फफूंद रोगों के साथ-साथ जीवाणु व विषाणु जनित रोग भी देखे जाने लगे हैं, जिसके कारण गन्ना उत्पादन के साथ-साथ चीनी का औसत भी प्रभावित होने लगा है। यही कारण है कि गन्ना अनुसंधान केंद्र ने इसके बीज को नए सिरे से रोगमुक्त और नई ऊर्जा के साथ किसानों को देने के लिए केंद्र में टिशू कल्चर लैब स्थापित की है, जो अब शुरू कर दी गई है। इसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.रविंद्र कुमार, डॉ. सपना और पूजा गन्ना किस्म सीओ-0238 के नए बीज को तैयार करने में जुटे हैं। शुरुआती परिणाम बेहतर हैं।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि टिशू कल्चर से तैयार बीज किसानों को अक्तूबर महीने तक उपलब्ध कराना शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन सभी किसानों को एक साथ तो बीज उपलब्ध कराना संभव नहीं है, इसलिए किसानों को थोड़ा-थोड़ा बीज दिया जाएगा। जिसे किसान अपने खेत में पहले थोड़े स्थान पर उगाएंगे, इसके बाद उसी बीज को बढ़ाते जाएंगे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एमआर मीना ने बताया कि ऐसा कहा तो नहीं जा सकता है कि टिशू कल्चर विधि से तैयार बीज में कोई रोग होगा ही नहीं, लेकिन फिलहाल बीज को रोगमुक्त करके नई ऊर्जा के साथ दिया जाएगा। जिससे पुराना होने के कारण जो उत्पादन में कमी आई, वह दूर होगी, स्वस्थ बीज होने के कारण जमाव भी ठीक होगा, चीनी का औसत भी बढ़ेगा।
लैब में फिलहाल सीओ-0238 के नए और स्वस्थ बीज पर काम चल रहा है लेकिन शीघ्र ही इसमें सीओ-0118 गन्ना किस्म को भी शामिल कर लिया जाएगा। इस प्रजाति के बीज को भी टिशू कल्चर से तैयार किया जाएगा और सीओ-0238 की तरह ही, इस किस्म को भी किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
- डॉ. एमएल छावड़ा, अध्यक्ष, क्षेत्रीय गन्ना अनुसंधान केंद्र, करनाल