संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। स्वास्थ्य विभाग में लागू किए जा रहे जियो फेसिंग हाजिरी का विरोध तेज हो गया है। एक महीने से रोष जता रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने वीरवार को भूख हड़ताल की। जिलेभर से पहुंचे कर्मचारी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर भूख हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान संयुक्त कर्मचारी समिति ने सीएमओ पूनम चौधरी को ज्ञापन सौंपा। सभी ने कहा कि यह एप उनकी निजता का हनन है और साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा सकता है।
समिति के महासचिव डॉ. मुनीष ने बताया कि एप पूरी तरह ट्रैकिंग पर आधारित है, जिससे फोन का निजी डाटा सुरक्षित नहीं रह पाएगा। इसके अलावा एप के लिए केवल 500 मीटर का दायरा तय किया गया है, जबकि अस्पताल का क्षेत्रफल इससे कहीं बड़ा है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस अस्पताल से 500 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में अधिकारी या कर्मचारी पोस्टमार्टम करने जाएं तो ड्यूटी पर रहते हुए भी अनुपस्थिति दर्ज हो जाएगी।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि पहले से ही आधार आधारित हाजिरी लागू है और कर्मचारी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या उनकी मेहनत का सबूत है। इसके बावजूद सिर्फ स्वास्थ्य विभाग पर नया एप थोपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी के फोन बैंक खातों और आधार से जुड़े होते हैं, ऐसे में एप के जरिये साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खतरा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस एप को तुरंत वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान जिला नागरिक अस्पताल से वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी राजेश सिंगला, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संजय वर्मा एचसीएमएस एसोसिएशन करनाल से महासचिव डॉ. मुनीष सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।