फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: हीटर-ब्लोअर के गलत इस्तेमाल से बिगड़ रही सेहत, रोज पहुंच रहे 115 मरीज

Fri, 16 Jan 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
डॉ. अ​भिनव डागर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


करनाल। ठंड से राहत के लिए लोग बंद कमरों में हीटर और ब्लोअर का जमकर उपयोग कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ का कहना है कि इनका गलत तरीके से इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। जिले के बड़े अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों तक ओपीडी में आंखों में जलन, दर्द, सूखापन, सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी और एलर्जी की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ मामलों में ऑक्सीजन का स्तर गिरने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। रोजाना करीब 115 मरीज स्वास्थ्य संबंधी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

विशेषज्ञ ने बताया कि बंद कमरे में लंबे समय तक हीटर या ब्लोअर चलाने से हवा में नमी कम हो जाती है। इससे आंखों और नाक की झिल्ली सूखती है, जिससे जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। वहीं, गैस या केरोसिन आधारित हीटर ऑक्सीजन की खपत बढ़ा देते हैं, जिससे चक्कर, घबराहट और सांस फूलने की शिकायत हो सकती है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज से श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव डागर का कहना है कि हीटर या ब्लोअर का उपयोग करते समय कमरे में थोड़ी वेंटिलेशन जरूर रखनी चाहिए जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह बना रहे। पूरी रात बंद कमरे में हीटर चलाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है इसलिए बीच-बीच में बंद करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब हीटर 15 या 20 मिनट तक गर्म रहे तो उसे थोडी देर बंद कर देना चाहिए ताकि कमरे का तापमान सामान्य हो सके। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों और सांस के मरीजों को हीटर के बहुत पास न बैठाएं।
विज्ञापन


जिला नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला में भी रोजाना 120 पार ओपीडी जा रही है। इनमें से करीब 115 लोग अस्थमा, सीओपीडी और अन्य सांस संबंधी समस्या से परेशान हैं। जिला नागरिक अस्पताल से सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि बढ़ती ठंड के साथ सांस रोगियों की ओपीडी रोजाना बढ़ रही है। आने वाले मरीज में कई मरीज बताते हैं कि वे घर में हीटर का इस्तेमाल करते हैं जिन्हें ऐसी लापरवाही न बरतने की सलाह दी जा रही है।

ये उपाय जरूरी-
सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव ने बताया कि हीटर चलाने से कमरे में ऑक्सीजन कम न हो, इसके लिए ऑयल-फिल्ड हीटर या सिरेमिक हीटर का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि ये हवा की नमी नहीं सुखाते और ऑक्सीजन नहीं जलाते। हमेशा कमरे को थोड़ा हवादार रखें, खिड़की थोड़ी खुली छोड़ें और कमरे के साइज के हिसाब से सही हीटर का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही हीटर चलाते समय कमरे में थोड़ी हवा आने-जाने दें या खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि कार्बन डाइऑक्साइड जमा न हो और ताजी हवा आती-जाती रहे।
विज्ञापन


सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि सर्दी से बचाव जरूरी है, लेकिन सेहत की कीमत पर नहीं। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर हीटर और ब्लोअर का सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है। अगर सिरदर्द, चक्कर, सांस की तकलीफ तेज दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
- डॉ. प्रदीप, श्वास रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें