संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शुक्रवार को मासिक शिवरात्रि, शुक्र प्रदोष व्रत और शुक्रवार व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन विधि-विधान से पूजा एवं व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है, वहीं माता लक्ष्मी के आशीर्वाद से धन, वैभव और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि प्रदोष व्रत और शिवरात्रि व्रत करने से व्यक्ति के जीवन से सभी दुख, दोष और पाप नष्ट होते हैं। महादेव की कृपा से संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। शुक्रवार व्रत के संयोग से माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर आर्थिक संकटों को दूर करती हैं।
शुभ मुहूर्त-
16 जनवरी को माघ कृष्ण त्रयोदशी तिथि और मूल नक्षत्र रहेगा। इस दिन ध्रुव योग प्रातःकाल से रात नौ बजे तक रहेगा।
- ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक होगा।
सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 47 मिनट पर होगा।