करनाल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे क्षय रोग 100 दिन अभियान के तहत 951 टीबी के मरीज सामने आए हैं। जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। ये वे मरीज हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर ढूंढा है। यह अभियान चार नवंबर को विभाग की ओर से शुरू किया गया था। जिसमें चार टीबी वैन को रवाना किया गया था। इनमें से दो वैन विभाग की हैं और दो मेदांता अस्पताल की। दो वैन में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन भी है।
विभाग ने पूरे जिले में हाई रिस्क एरिया का चयन किया है। जहां पर ये वैन जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करती है। फिलहाल जिले में एक लाख 95 हजार 914 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 90 हजार मरीजों के एक्स-रे किए गए हैं और इनमें से 951 मरीज टीबी पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम कॉर्डिनेटर कमल शर्मा के अनुसार यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा। फिलहाल करीब 90 प्रतिशत स्क्रीनिंग हो चुकी है। 24 मार्च तक दो लाख 16 हजार 915 लोगों की स्क्रीनिंग करनी है। फिलहाल जिले में 2532 के करीब टीबी के मरीजों का इलाज चल रहा है। संवाद
सीबी नॉट का लिया जाता है सैंपल
इस अभियान के तहत हाई रिस्क क्षेत्र में जाकर पहले लोगों की स्क्रीनिंग की जाती है। लक्षण मिलने पर उस मरीज का एक्स-रे किया जाता है। फिर नागरिक अस्पताल में तैनात छाती रोग विशेषज्ञ को वह एक्स-रे भेजा जाता है। इसके बाद उस मरीज का सीबी नॉट टेस्ट के लिए सैंपल लिया जाता है ताकि पता चल सके कि मरीज में किस स्तर की टीबी है। इसके बाद उस मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाता है। विभाग की ओर से टीबी मरीज को पोषण सहायता की राशि के तहत हर महीने एक हजार रुपये दिए जाते हैं ताकि मरीज प्रोटीन युक्त आहार ले सके।
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टीबी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी हो।
- शाम के समय बुखार आता हो।
- खांसते समय बलगम में खून आता हो।
- छाती में दर्द होता हो या सांस फूलती हो।
- भूख और वजन कम हो रहा हो।
- रात के समय पसीना आता हो।
- गर्दन या बगल में गांठें हों।
वर्जन
जिले को टीबी मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। लोगों से अपील है कि टीबी के लक्षण होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं। टीबी का इलाज निशुल्क है। वहीं लोगों से यह भी अपील है कि टीबी के मरीजों को गोद लें और उनके लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था करें। इस अभियान के तहत लोगों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
- डॉ. सिम्मी कपूर, उप सिविल सर्जन, करनाल