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हाईकोर्ट से जीते दीपक सचदेवा, बीच में ही रोका चुनाव

Fri, 23 Dec 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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हाईकोर्ट से जीते दीपक सचदेवा, बीच में ही रोका चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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सालभर से चर्चा में रही जिला बार एसोसिएशन के वर्तमान प्रधान दीपक सचदेवा के हक में फैसला देकर आखिरकार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने तमाम चर्चाओं और चुनाव की तैयारियों पर विराम लगा दिया। हाईकोर्ट ने हो रहे चुनाव पर रोक लगाते हुए वर्तमान प्रधान दीपक सचदेवा और उनकी कार्यकारिणी को अप्रैल, 2107 तक मान्य किया है। उधर, हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बीच में ही चुनाव को रोकना पड़ा। हालांकि, इससे पहले 301 वोट डल चुके थे। प्रधान पद के तीनों दावेदारों की उपस्थिति में और बार काउंसिल की तरफ से ऑब्जर्वर परमजीत सिंह गुराया की उपस्थिति में पूरे रिकार्ड व वोटों को सील कर दिया गया है।
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इससे पहले, वीरवार की सुबह जिला बार एसोसिएशन का चुनाव 9.30 बजे शुरू हो गया। सुबह से ही प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने पक्ष में वोट देने के लिए अपील कर रहे थे। इसी दौरान करीब 11. 55 बजे हाईकोर्ट में इस चुनाव के खिलाफ डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आरके जैन ने चुनाव पर रोक लगाते हुए दीपक सचदेवा के हक में फैसला लिया।

फैसले में साफ कहा गया है कि पिछली चुनी गई कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी प्रधान के साथ-साथ अप्रैल, 2017 तक अपने पदों पर रहेंगे। हाईकोर्ट का फैसला आते ही चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के चेहरे उतर गए और फैक्स आने के बाद चुनाव बीच में ही रोक दिया गया। हालांकि, तब तक 301 वोट डल चुके थे। वहीं, दिनभर वकील इस मामले पर चर्चा करते रहे। कुछ ने एक दूसरे को बधाई दी तो कुछ चुपचाप वहां से खिसक लिए। इस बारे में चुनाव अधिकारी शयो सिंह चौहान का कहना है कि हाईकोर्ट का संदेश आने के बाद चुनाव बीच में रोक दिया गया। पूरा रिकार्ड सील कर दिया गया है।
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तीन बार हो चुके हैं चुनाव
गौरतलब है कि इस साल में जिला बार एसोसिएशन में तीन बार चुनाव हो चुके हैं। पहला चुनाव 23 मई, 2016 को हुआ। इसमें निर्मल स्टौंडी और दीपक सचदेवा को एक-एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया। तीन बार काउंटिंग होने के बाद निर्मल स्टौंडी को प्रधान घोषित किया गया। बाद में दीपक सचदेवा इसको लेकर बार काउंसिल में गए और दोबारा से चुनाव की मांग की।

इसके खिलाफ दूसरा पक्ष पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका डाली तो हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और प्रधान पद के लिए दोबारा से 16 सितंबर, 2016 को दोबारा से चुनाव कराने के आदेश दिए। 16 सितंबर को हुए चुनाव में दीपक सचदेवा ने निर्मल स्टौंडी को 66 वोटों से पराजित किया था। इसके बाद से बार काउंसिल की ओर से 2 दिसंबर को चुनाव कराने को कहा था। इसके बाद 22 दिसंबर की तिथि रखी गई। इस चुनाव के खिलाफ दीपक सचदेवा हाईकोर्ट में गए थे।

बार में पहुंचे सचदेवा का किया स्वागत
चंडीगढ़ से हाईकोर्ट में केस जीतने के बाद शाम को जिला बार रूम में पहुंचे प्रधान दीपक सचदेवा का वकीलों ने जोरदार स्वागत किया। वकीलों ने मुंह मिठा कराकर और फूल मालाएं पहनाकर उसका स्वागत किया। इस दौरान वकीलों ने एक दूसरे से गले मिलकर जीत पर बधाई दी। प्रधान ने इस दौरान वकीलों के साथ मंत्रणा भी की और सभी का धन्यवाद किया। बता दें कि इस समय बार में प्रधान दीपक सचदेवा, उपप्रधान कुलदीप, सचिव छवि जैन, संयुक्त सचिव विक्रम कुमार हैं।

कुछ लोगों ने षड्यंत्र के तहत लोकतंत्र की हत्या की कोशिश थी और जबरदस्ती चुनाव रखा गया था। हाईकोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। हाईकोर्ट ने पिछली कार्यकारिणी को अप्रैल, 2017 तक मान्य किया है। यह लोकतंत्र की जीत है।  
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- दीपक सचदेवा, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन
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