जिला जेल में बंद एक हवालाती कि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने तीन पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने और जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने तक शव उठाने से भी इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंचे जिला जेल डीएसपी ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया। साथ ही जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिव कॉलोनी निवासी गुरमीत ने बताया कि उसका 50 वर्षीय भाई कुलविंदर नशे के कैप्सूल का सेवन करता था 18 जून को रामनगर थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जो इन कैप्सूल को बेचता है उसका नाम अनिल है। उसे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद भाई को छोड़ने के नाम पर पुलिस ने उससे 50 हजार रुपये भी लिए, लेकिन दो दिन बाद पुलिस ने उसके भाई को दोबारा पकड़ लिया और कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गयी। सूचना मिलने पर परिजन कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंचे। वहां उन्होंने तीन पुलिस कर्मचारियों पर पैसे लेने का आरोप लगाया। उन्होंने जेल प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। गुरमीत ने बताया कि उसका भाई नशे का आदी है, लेकिन फिर भी जिला जेल में लापरवाही बरती गई जिस कारण उसकी मौत हो गई। मामले में रामनगर थाना प्रभारी जसविंदर तुली का कहना है कि कुलविंदर के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं वह सभी निराधार हैं। कुलविंदर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।