करनाल। तीन दिवसीय अखिल भारतीय सिविल सेवा एथलेटिक्स प्रतियोगिता का मंगलवार को करनाल के कर्ण स्टेडियम में आगाज हुआ। प्रतियोगिता के पहले दिन ही हरियाणा के खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण सहित सात पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में 28 राज्यों के 687 महिला-पुरुष खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। इससे पहले उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने इसका शुभारंभ किया। साथ ही करनाल को प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना गर्व की बात बताया।
उन्होंने कहा कि खेल भावना से हमें विरोधियों के सम्मान की सीख मिलती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किसी ने किसी खेल को अवश्य अपनाना चाहिए। खेल चाहे स्थानीय स्तर पर हो या फिर राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो, यह हमें भाईचारे का भी संदेश देता है। साथ ही विविधता में एकता को चरितार्थ करता है। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि सभी प्रतिभागी क्षमतानुसार प्रदर्शन कर कर्ण की धरती पर अपना नया कीर्तिमान बनाएं। प्रतियोगिता के शुभारंभ से पूर्व सभी खिलाड़ियों ने खेल नियमों का पालन करने और नशीले पदार्थों से दूर रहने की शपथ ली। एशियन गेम्स के पदक विजेता और उपनिदेशक पंचकूला गिरिराज सिंह ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई। प्रतियोगिता के शुभारंभ पर असंध के उपमण्डलाधीश मनजीत कुमार, पानीपत की जिला खेल अधिकारी राज यादव, करनाल के जिला खेल अधिकारी देवेन्द्र गुलिया, खेल अधिकारी राम पाल तथा रोहतक से एथलेटिक कोच सरला देवी भी उपस्थित रहे। मंच संचालन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रामनिवास ने किया।
ध्वज के साथ खिलाड़ियों ने स्टेडियम में किया मार्च पास्ट
खेल प्रतियोगिताओं से पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने ध्वज के साथ स्टेडियम में मार्च पास्ट किया। साथ ही मुख्य अतिथि उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मार्च पास्ट की सलामी ली। करनाल में पहली बार आयोजित इस तरह की प्रतियोगिता में विविधता में एकता का खूबसूरत नजारा दिखा, जो खेल के मैदान में मिनी भारत का एहसास करा रहा था।
उपायुक्त ने शिक्षक और शिष्य की परंपरा निभाई
खेल प्रतियोगिता के दौरान उपायुक्त ने गुरु-शिष्य की परंपरा भी निभाई। दरअसल उपायुक्त निशांत कुमार यादव वर्ष 2009 के दौरान आईआईटी दिल्ली में छात्र थे, तब उनके एथलेटिक कोच दिनेश रावत थे, जो करनाल में हो रही अखिल भारतीय सिविल सेवा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पहुंचे थे। उपायुक्त ने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। विदित हो कि दिनेश रावत वर्ष-1998 में एशियन गेम्स के 400 मीटर रिले रेस के पदक विजेता रहे हैं।
डिस्कस थ्रो में हरियाणा की मनु दहिया रहीं प्रथम
मैदान में 800 मीटर पुरुष फाइनल और 800 मीटर महिला फाइनल के मुकाबले हुए। पुरुषों की दौड़ में कोलकाता के मोहम्मद शाकिल प्रथम, जयपुर के राजकुमार द्वितीय और मुंबई के शाम्यू डोंडकर तृतीय रहे। उपायुक्त ने तीनों विजेताओं को स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक से सम्मानित किया। इसी प्रकार महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में मुंबई की यमुना प्रथम, मुंबई की ही अर्चना द्वितीय व कोलकाता की प्रतिमा तृतीय स्थान पर रहीं। उपायुक्त ने इन्हें भी स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक से नवाजा। डिस्कस थ्रो (35 से 45 आयु वर्ग) की प्रतियोगिता में हरियाणा की मनु दहिया प्रथम, गुजरात की दर्शना पटेल द्वितीय और राजस्थान की ललिता रानी तृतीय स्थान पर रहीं।