अंबाला लोस क्षेत्र के साहा में महमूदपुर में भाजपा समर्थकों और गांव के सरपंच में विवाद। झगड़े के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर कराया शांत। मामले में सरपंच की ओर पुलिस को शिकायत दी गई है। फिलहाल पुलिस ने मामले को शांत करा जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यमुनानगर के गोविंदपुर में पोलिंग बूथ पर मीडिया कर्मी की ओर फोटो खींचने के बाद बूथ पर विवाद हो गया। मतदान अधिकारी ने फोटो खींचने पर आपत्ति की। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने मीडियाकर्मी का कैमरा छीन लिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी ने कैमरा वापस दिलाया और मामला शांत कराया।
करनाल में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल जब वोट डालकर बाहर निकले तो भीड़ के कारण मीडियाकर्मी और उनके एक सुरक्षाकर्मी में झड़प हो गई। दरअसल मीडियाकर्मी पूर्व सीएम की बाइट लेना चाहते थे, लेकिन भीड़ के कारण सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पास नहीं आने दिया।
अंबाला लोकसभा के अंतर्गत आने वाली नारायणगढ़ विधानसभा के गांव मिर्जापुर माजरा में शनिवार को सीएम नायब सिंह सैनी परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी सुमन सैनी और बेटा भी वोट बूथ पर वोट डालते दिखाई दिए। वोट डालने के बाद बाहर आकर सीएम नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जितने भी यह घमंडिया गठबंधन के लोग हैं सभी एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं। कोई भ्रष्टाचार को लेकर जेल में गया है तो कोई जेल के अंदर जाने वाला है। एक भी व्यक्ति इनके में ऐसा नहीं है जो भ्रष्टाचार के मामलों से लिप्त न हो।
कुरुक्षेत्र। मिर्जापुर गांव की किरण कॉलोनी की बुजुर्ग महिला ने बूथ में बैठे व्यक्ति पर जबरदस्ती वोट डलवाने का आरोप लगाया है। करीब 85 साल की नारायणी देवी ने बताया कि उसकी वोट बूथ-157 पर है। वह झाड़ू के निशान पर वोट डालने आई थी। आरोप लगाया कि जैसे ही वह वोट डालने लगी तो बूथ में बैठे व्यक्ति ने आकर कमल के निशान का बटन दबा दिया। उसने विरोध किया तो व्यक्ति उसे समझाने लगा। वहीं केयूके थाना प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि मामले के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है।
मुलाना विधानसभा क्षेत्र के तेजा मोहड़ी गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने बूथ नंबर 162 में मतदान के बीच ही सुबह करीब 8 बजकर 30 मिनट पर ईवीएम की बैटरी कम हो गई। करीब 30 मिनट के इंतजार के बाद मशीन की बैटरी को बदला गया और फिर से मतदान शुरू हुआ। इस बीच ग्रामीण मतदान करने के इंतजार में काफी देर परेशान हुए और ग्रामीण थककर जमीन पर ही बैठ गए। मतदान करने आए बुजुर्ग निर्मल सिंह, गुरनाम सिंह, धर्मवीर सिंह, राहुल, जरनैल सिंह, सोहन सिंह, इसरो देवी, सावित्री देवी आदि का कहना था कि बड़े उत्साह से मतदान करने के लिए आए थे।
पानीपत में लोकसभा चुनाव में कई जगह फर्जी मतदान किए गए हैं। जिले में ऐसे में कई मामले सामने आए हैं। कई मामलों में मौके पर समाधान कर दिया गया, जबकि कई लोगों को बिना मतदान की लौटना पड़ा। कृष्णा देवी ने बताया कि उसकी 75 वर्ष है। उन्होंने हर चुनाव में खुद मतदान किया है। वह शनिवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने बेटों के साथ मतदान करने पहुंची थी।
खादी आश्रम स्थित मतदान केंद्र पर उनको बताया कि उनका वोट पोल हो चुका है, जबकि उसने अपना मतदान नहीं किया है। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनको बिना मतदान वापस जाना पड़ा। 75 साल की उम्र में पहली बार बिना मतदान के घर जाना पड़ा। प्रशासन को इस तरह की फर्जी वोटिंग रोकनी चाहिए।
महिला का वोट डला मिला तो पति अधिकारियों के पास पहुंचा
तहसील कैंप के न्यू रमेश नगर निवासी सतनाम ने बताया कि वह राज मिस्त्री है। उसने शनिवार सुबह साढ़े सात बजे मतदान कर दिया था और उसके बाद अपने काम पर चला गया था। उसकी पत्नी मंजीत कौर दिन में अपना मतदान करने विश्व भारती स्कूल देशराज कॉलोनी में पहुंची। यहां उनको बताया कि उसका वोट डाल दिया गया है, जबकि उसने मतदान नहीं किया था। वह शनिवार शाम को काम से घर पहुंचा तो उसने मतदान के बारे में पूछा। वह अपनी पत्नी मंजीत कौर को साथ लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचा। यहां अधिकारियों से बात की और अंगुली पर स्याही का निशान न होने बारे दिखाया। उसने 1950 पर फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। उसने काफी इंतजार किया और अधिकारियों ने बाद में उसकी पत्नी का मतदान कराया। सतनाम ने बताया कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है। एक-एक वोट से सरकार बनती और गिरती देखी हैं। इस तरह से फर्जी वोट नहीं होना चाहिए।
हिसार में 44 डिग्री तापमान की गर्मी होने के बावजूद हिसार की लोकसभा सीट को लेकर शनिवार को मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान केंद्र के मेन गेट खुले तो बाहर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। हिसार शहर में जयदेवी की ढाणी निवासी बुजुर्ग महाबीर सिंह ने बताया कि वह वोटर स्लिप लेकर पहुंचे तो पता लगा कि उनका वोट पहले ही डाला जा चुका है। महाबीर के बेटे संजय शर्मा ने बताया कि उनकी मां गीता देवी का तीन साल पहले देहांत हो चुका है। उनकी वोट भी कोई डाल गया है।
बड़वाली ढाणी निवासी युवा इंजीनियर किशन वर्मा ने बताया कि काफी सालों से उसका हिसार में वोट है। वह हर बार अपने मताधिकार का प्रयोग करता है। इस बार उसके माता-पिता, भाई व परिवार के अन्य सदस्यों की वोटर स्लिप तो मिल गई लेकिन उसकी वोटर स्लिप नहीं मिली। जब बूथ पर जाकर पता किया तो मतदाता सूची में उसका नाम नहीं मिला। जब ऑनलाइन सर्च किया तो वह गुरुग्राम लोकसभा के भौंडसी हलके में दर्शाया गया जबकि वह इस हलके में कभी गया भी नहीं। इसके कारण वह अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाया।
अनेक बार रिहर्सल करने के बावजूद चुनाव को लेकर सरकार की तैयारियां शुरू होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आई। बगला के बूथ नंबर-135 पर सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ तो ईवीएम मशीन खराब हो गई। करीब डेढ़ घंटे की देरी के बाद इंजीनियरों ने ईवीएम मशीन को दुरुस्त किया, जिसके बाद मतदान शुरू हो पाया। इसके अलावा शहर के रामपुरा मौहल्ले के सरकारी स्कूल नंबर-2 में बने बूथ पर ईवीएम मशीन खराब हो गई, जिस कारण एक से डेढ़ घंटे देरी से मतदान शुरू हो पाया। साथ ही नारनौंद के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बने बूथ नंबर 104 पर ईवीएम मशीन खराब हो गई, जिस कारण वहां एक घंटे देरी से मतदान शुरू हो पाया।
लोकसभा सीट को लेकर प्रशासन द्वारा कडी सुरक्षा के बीच गांव खेदड़ स्थित बूथ नंबर 124 पर मतदान के दौरान दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। जैसे ही इसकी भनक एसपी मोहित हांडा को लगी तो वे दल-बल के साथ वहां पहुंच गए। पुलिस से पहुंचे से पहले ही संबंधित बूथों पर ड्यूटी दे रहे अधिकारियों व कर्मचारियों ने स्थिति को संभाल लिया। हालांकि एसपी ने खेदड़ के मतदान केंद्रों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कड़ी सुरक्षा रखने के आदेश दिए।