संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। परस्पर विरोधी प्रभाव वाले पदार्थों को एक साथ मिलाकर खाने से लोगों की सेहत पर देखा जा रहा है। चिकित्सक का कहना है कि कुछ गलत खानपान के मेल इतने खतरनाक होते हैं कि वे शरीर में टॉक्सिन्स पैदा कर गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में गलत खानपान के रोजाना 150 की ओपीडी में 15 से 20 मरीज आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक युवा पीढ़ी स्वाद के चक्कर में ऐसे खानपान को बढ़ावा देकर स्वास्थ्य को खराब कर रही है।
चिकित्सा अधिकारी डाॅ. कुलबीर ने बताया कि गर्मियों में सबसे अधिक मरीज कई बीमारियों से ग्रस्त होकर पहुंचते हैं। इन दिनों में लोग बाहर का खाना पसंद कर रहे हैं जिसमें बाजार में खुले में मिलने वाला हर तरह का खाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक सिद्ध हो सकता है। वहीं ओपीडी में कई ऐसे लोग पहुंच रहे है जिनमें वे खान-पान के गलत मेल से बीमार हो रहे हैं।
जैसे कई मरीजों का कहना है कि वे खाने में दूध शामिल करते हैं जोकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया कि युवा लोगो सबसे अधिक जंक फूड पर निर्भर रहता है, जंक फूड में अधिक मात्रा में वसा, चीनी और नमक होता है जो डोपामाइन रिलीज करता है, जिससे तुरंत खुशी तो मिलती है लेकिन यह एक गलत आदत बन जाती है जिसमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, लीवर और हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती है।
आहार विशेषज्ञ वंदना ने बताया कि दूध और नमक के मेल से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है, यह शरीर में खून की शुद्धता पर प्रभाव डालता है जिसमें एलर्जी, त्वचा रोग और पाचन से जुड़ी समस्याएं होती है। शहद और घी के मेल से अधिक मात्रा में टॉक्सिन्स पैदा होता है जो शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, रात में दही खाने से दही की तासीर ठंडी होती है जिसमें इसे रात में खाने से शरीर में बलगम और कफ जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है।
चाय और लहसुन से बनी चीज से रक्तस्राव की स्थिति हो सकती है, दूध के साथ खट्टे फल लेने से पाचन संबंधी समस्याएं होती है क्यों कि खट्टे फलों में मौजूद एसिड दूध में मौजूद प्रोटीन को जमा देता है।
इस तरह से गलत खानपान के मेल से शरीर पर गंभीर असर हो सकता है इसलिए सलाह दी जाती है कि ऐसे गलत खानपान के मेल को आहार में बिल्कुल शामिल न करें।