- अखिल भारतीय विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति वेलफेयर संघ ने मनाया 72वां मुक्ति दिवस, भाजपा हरियाणा के प्रभारी बिप्लब देव ने की शिरकत
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाजपा हरियाणा के प्रभारी एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने कहा कि जहां चुनौती है, वहां जीत है। सकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने से कामयाबी निश्चित है। भाजपा कभी गरीबों और मजदूरों को धोखा नहीं देती। उसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं है। विमुक्त और घुमंतू जनजाति के लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। यह मौका था वीरवार को डॉ. मंगल सैन ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति वेलफेयर संघ की ओर से आयोजित 72वें मुक्ति दिवस का।
इस मौके पर डीएनटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसके साथ ही बताया कि देश तो 15 अगस्त 1947 हो आजाद हो गया लेकिन विमुक्त जातियों को 31 अगस्त 1952 में आजादी मिली। 1871 में भारत में ब्रिटिश सरकार ने आपराधिक जनजाति अधिनियम पारित किया। इसमें इन इन जातियों को जन्मजात व स्वभाव से अपराधी मान लिया गया था। इसके साथ ही एचसीएच की परीक्षा पास करने वाले हितेश माहला को सम्मानित भी किया।
बिप्लब कुमार देव कहा कि घुमंतू जाति के लोगों की खासियत है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी असंभव कार्य कर सकते हैं। राज्य सरकार ने विमुक्त एवं घुमंतू जाति के लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए नौ हजार फ्लैट उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन जातियों के बच्चों के लिए शिक्षा में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। सरकार ब्रिटिश शासन के पुराने कानूनों को बदल रही है। कांग्रेस ने देश में 65 साल राज किया लेकिन इन लोगों के कल्याण के लिये बनाई कमेटी की सिफारिशों पर अमल नहीं किया।
इस मौके पर राज्य सभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-दो में 2003 में गरीबों के लिए फ्लैट बनकर तैयार हुए थे, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस एवं आप की सरकार ने इधर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन फ्लैट खंडहर बन गए। यह कांग्रेस की संवेदनहीनता की मिसाल है। उन्होंने मामला केंद्र सरकार के सम्मुख उठाया है। बजट में गरीबों के लिए 13 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। इन जातियों के लिए असली आजादी का युग अब शुरू हुआ है। भविष्य में भी घुमंतू एवं विमुक्त जातियों की आवाज को राज्य सभा में उठाते रहेंगे। करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि भाजपा से पहले किसी सरकार ने इस उपेक्षित समाज की सुध नहीं ली। सरकार काले कानूनों को खत्म करने के लिए वचनबद्ध है। डीएनटी बोर्ड का गठन भाजपा सरकार ने किया है। इस मौके पर मास्टर जिले सिंह, पूर्व चेयरमैन सुनीता बावरिया, देवी दास ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर, शाहबाद के विधायक रामकरण काला, एचएसएससी के पूर्व सदस्य अमरनाथ सौदा, चेयरमैन निर्मल बैरागी, प्रो. विजय आदि मौजूद रहे।
आजादी के आंदोलन में समाज की रही अहम भूमिका
राज्य सभा सदस्य कृष्ण पंवार ने कहा कि आजादी आंदोलन में डीएनटी समाज की अहम भूमिका रही है। केंद्र और राज्य सरकार ने निचले पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिये अनेक योजनाएं शुरू की हैं। देश में 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया गया है। साढ़े 11 करोड़ परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन और साढ़े दस करोड़ लोगों को नल से जल मुहैया कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने आदिवासियों, मछुआरों आदि गरीब लोगों के लिए सड़क किनारे बस्तियां बनाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने हाल ही में श्रेणी एक और दो में पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था लोग की है।