पेड़ काटकर बनाए रास्ते पर चला बुलडोजर: बीजेपी कार्यालय के सामने की सड़क उखाड़ी
एचएसवीपी की टीम ने कई घंटे चलवाई जेसीबी, ईंटें ट्रालियों में भरकर हटाई
40 पेड़ काटकर बनाया गया था रास्ता, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सेक्टर 8 की ग्रीन बेल्ट में पेड़ काटकर बनाए गए बीजेपी कार्यालय के सामने वाले रास्ते को बुधवार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम ने उखाड़ दिया।
सुबह शुरू हुई कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से कई घंटों तक सड़क को तोड़ा गया और वहां लगी ईंटों को ट्रालियों में भरकर हटाया गया।
यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें ग्रीन बेल्ट के पेड़ काटकर सड़क बनाने को लेकर विवाद हुआ था और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। कोर्ट के आदेशों के बाद प्रशासन ने ग्रीन बेल्ट को फिर से पहले जैसी स्थिति में बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की है।
ग्रीन बेल्ट में बनाया गया था रास्ता
जानकारी के अनुसार सेक्टर 8 क्षेत्र में स्थित एक भूखंड तक पहुंच बनाने के लिए करीब 100 मीटर चौड़ी हरित पट्टी में से लगभग 10 मीटर चौड़ा रास्ता बनाया गया था। आरोप है कि इस रास्ते को बनाने के लिए ग्रीन बेल्ट में लगे करीब 40 पेड़ों को काट दिया गया था। बाद में इसी भूखंड पर बीजेपी का कर्णकमल कार्यालय बनाया गया।
रिटायर्ड कर्नल ने दी थी कानूनी चुनौती
इस मामले में स्थानीय निवासी कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना था कि उनके घर के पास स्थित आवासीय कॉलोनी में करीब 1550 वर्ग गज का निजी प्लॉट पहले से मौजूद था, जिसे बाद में संस्थागत श्रेणी में बदलकर एक राजनीतिक दल को आवंटित कर दिया गया।
कर्नल दविंदर सिंह के अनुसार यह प्लॉट पहले 9 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित था और वर्ष 1989 से खाली पड़ा हुआ था, लेकिन बाद में पहुंच मार्ग बनाने के लिए ग्रीन बेल्ट को नुकसान पहुंचाया गया।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
कर्नल दविंदर सिंह ने सबसे पहले इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि 3 मई 2025 को हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि प्लॉट आवंटन में कोई खामी नहीं है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा है। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई से पहले यह बताया जाए कि काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है। इसके साथ ही संस्थागत भूखंड के आवंटन से जुड़े सभी रिकॉर्ड भी पेश करने के आदेश दिए गए हैं।
कोर्ट ने सरकार को ग्रीन बेल्ट को पुरानी स्थिति में बहाल करने के निर्देश भी दिए थे। इसी के तहत अब सड़क हटाने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को निर्धारित की गई है।
एचएसवीपी कार्यालय से संपदा अधिकारी अदिति का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार ग्रीन बेल्ट को फिर से विकसित करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।