- कोच और देखभाल के लिए सुरक्षाकर्मी नहीं तैनात, नशेड़ियों ने बनाया अड्डा
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। गगसीना गांव का राजीव गांधी खेल मैदान बदहाल है। मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगी है। जगह-जगह गंदगी फैली है। सुरक्षा कर्मी तैनात न होने के कारण यहां नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। आस-पास के गांव स्टौंडी, रायपुर, फुरलक, शाहजहांपुर व गगसीना गांव के खिलाड़ी भी यहां अभ्यास करने आते हैं मगर सुविधाएं न मिलने से परेशान हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि कोच न होने के कारण खिलाड़ी सही तरीके से अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
लाखों रुपये की लागत से सात वर्ष पहले छह एकड़ जमीन में इस मैदान का निर्माण करवाया गया था। उसके बाद से केवल एक बार खेल परिसर को दुरुस्त कराया गया था। सुरक्षा कर्मी की नियुक्ति न होने के कारण शरारती तत्व खेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए बनाई गईं सीढ़ियों में दरारें आ चुकी हैं। कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल व फुटबॉल के खिलाड़ी इस मैदान में घास होने के कारण अभ्यास नहीं कर पाते।
माशा पहलवान ने बताया कि कई गांवों के युवा इस मैदान में अभ्यास के लिए आते थे। खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत कई युवाओं को नौकरियां मिली हैं मगर अब युवा नशे की तरफ बढ़ रहे हैं। युवाओं में खेलों के प्रति रुचि पैदा करके ही नशे से बचाया जा सकता है।
पहलवान करण सिंह, हिमांशु, विराट, सुजल, वंशिका, अमित और सुरजीत ने बताया कि खेल परिसर की ओर आने वाली सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। बारिश के दिनों में हालत और खराब हो जाती है, खिलाड़ियों को बड़ी मशक्कत करके मैदान का पानी निकालना पड़ता है। यहां बना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी गंदगी से अटा है।
खेल भवन के अंदर भी घुसता है पानी
खेल भवन के दरवाजे, खिड़की व शीशे टूटे होने के कारण बरसात के समय पानी अंदर चला जाता है। कुश्ती के मैटों में भी पानी भर जाता है। इस कारण कई दिन तक पहलवान अभ्यास नहीं कर पाते। खेल मैदान के ट्रैक पर घास उगने से खिलाड़ियों को कंक्रीट की सड़क पर अभ्यास करना पड़ता है।