- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आए 975 आवेदन, जांच हुई शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 के तहत पक्का मकान बनवाने के लिए जमीन की मलकियत का सबूत देना होगा। इसके बाद ही योजना के तहत 2.5 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। यदि दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए तो अनुदान राशि अटक सकती है। इसके अलावा आवेदक का आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक अनिवार्य है। लिंक न होने की स्थिति में ओटीपी नहीं आएगा, जिससे आवेदन मान्य नहीं होगा।
नगर निगम करनाल क्षेत्र के बेघर लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 के तहत ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया जारी है। नागरिक पीएमएवाई 2.0 पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अब तक 975 आवेदन प्राप्त हुए हैं। नेहरू पैलेस स्थित कार्यालय में इन आवेदनों की जांच की जा रही है। जिन आवेदनकर्ताओं के दस्तावेज पूर्ण हैं, उन्हें फोन करके ऑफलाइन माध्यम से दस्तावेज जमा करवाए जा रहे हैं, ताकि संबंधित फाइल को सत्यापन के लिए भेजा जा सके। संबंधित वार्ड के कनिष्ठ अभियंता मौके पर जाकर देखेंगे कि उनके पास प्लॉट या कच्चा मकान और यह अधिकृत क्षेत्र में आता है या नहीं। अगर सब सही पाया जाता है, तो उनकी फाइल को सत्यापित कर डीपीआर तैयार करने के लिए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय को प्रेषित कर दी जाएगी।
आवेदक के पास मलकियत का सबूत यानी रजिस्ट्री, हस्तांतरण विलेख, जमाबंदी या इंतकाल जैसे दस्तावेज नहीं होंगे और प्लॉट या कच्चा मकान अधिकृत क्षेत्र से बाहर होगा तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा जिन लोगों के प्लॉट नगर निगम क्षेत्र से बाहर हैं, ऐसे लोगों को भी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। योजना की विशेष बात यह है कि इसमें केवल बीपीएल ही नहीं बल्कि अन्य मध्यम वर्गीय परिवार भी अटल सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह रहेगी आवेदन प्रक्रिया
पात्र व्यक्ति को केंद्र सरकार के पीएमएवाई-यू 2.0 पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पहचान के प्रमाण के रूप में आवेदक और परिवार के अन्य सदस्यों का आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट आदि में से कोई एक अपलोड करना होगा। मतदाता पहचानपत्र, बिजली बिल, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, पैंशन बुक या सरकार द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज जिसमें आवेदक का नाम और पता स्पष्ट रूप से लिखा हो। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र। भूमि स्वामित्व दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री, हस्तांतरण विलेख, पंजीकृत बिक्री-खरीद दस्तावेज या सरकारी विभाग, उपक्रम, पूर्ववर्ती पंचायत द्वारा जारी दस्तावेज, जमाबंदी या इंतकाल की प्रतिलिपि। सक्रिय खाते की बैंक पासबुक की प्रति (बैंक का नाम, खाता संख्या, आईएफएससी कोड व शाखा का पता)। आवेदक द्वारा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्दिष्ट प्रारूप (स्पैसिफाईड फोर्मेट) में आय के पात्रता मानदंडों को पूरा करने और अपने या अपने परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होने की घोषणा के रूप में एक वचनबद्धता देनी होगी।
पात्र व्यक्ति पोर्टल पर सही दस्तावेज व जानकारी अपलोड करें। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके प्राप्त होने के पश्चात नगर निगम की टीमें धरातल पर जाकर सत्यापन करेंगी। यदि आवेदन के समय दी गई जानकारी सत्यापन के दौरान गलत पाई जाती है, तो उस स्थिति में आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
- डॉ. वैशाली शर्मा, आयुक्त नगर निगम