- नए सत्र में शैक्षणिक दक्षता पर भी रहेगा ध्यान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बालवाटिका कक्षाओं में कम से कम 20 छात्रों का नामांकन करना होगा। इसके लिए विभाग की ओर से निर्देश जारी हुए हैं। ऐसे में अब शिक्षकों को सामान्य कक्षाओं के साथ-साथ बाल वाटिकाओं में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए भी जोर लगाना होगा। इसके अलावा नए सत्र में शैक्षणिक दक्षता पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की दक्षताओं को विकसित करने पर निर्देश दिए गए हैं। विदित हो कि गत सत्र में जिले के कुछ प्राथमिक विद्यालयों में बालवाटिका कक्षाओं में 20 से कम छात्र थे, ऐसे में अब यहां लक्ष्य निर्धारित करके छात्रों का नामांकन सुनिश्चित करने और कक्षा छठी और नौवीं में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। विदित हो कि दिसंबर माह में आयोजित मेगा मॉनिटरिंग के आधार पर विद्यार्थियों की विभिन्न दक्षताओं का मूल्यांकन किया गया। साथ ही उनके अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई थी। मेंटर्स से सुझाव लिए और शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी चर्चा हुई थी।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के अनुसार, शिक्षक, मेंटर्स और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से विद्यार्थियों की दक्षताओं को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया। नियमित मूल्यांकन, पाठ्य सहगामी गतिविधियों और अभिनव शिक्षण तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को सशक्त बनाया जाएगा।
जिले के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बालवाटिका कक्षाओं में कम से कम 20 छात्रों का नामांकन सुनिश्चित करने और कक्षा छठी और नौवीं में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। हर स्कूल में दाखिला अभियान की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी