मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से गुहला के विकास के लिए जारी किए दो करोड़ रुपये के खर्च को लेकर कांग्रेस के ही दो नेताओं में ठन गई है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि शहर में विकास के काम ठप पड़ गए हैं। गुस्साए जनता के साथ नगरपालिका पार्षद अवतार सिंह नगरपालिका कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। हलका विधायक फूलसिंह खेड़ी भी धरनास्थल पर पहुंचे और ग्रांट को लगाने के पीछे कांग्रेस के दोनों गुटों पर जमकर निशाना साधा। विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी भी जन हितैषी नहीं हो सकती, जिसका अंदाजा सीएम द्वारा जारी की गई ग्रांट को लेकर उलझे नेताओं की करतूतों से लगाया जा सकता है।
वार्ड नंबर-2 के पार्षद अवतार सिंह का कहना है कि सीएम ने एक जून को चीका में हुई गुहला विकास रैली के दौरान शहर के विकास के लिए दो करोड़ रुपये जारी किए थे। यह पैसा नगर पालिका के खाते में आ गया है लेकिन दोनों नेताओं की अपनी-अपनी सूची होने के कारण प्रशासन तय नहीं कर पा रहा है कि आखिर किसकी सूची को तवज्जो दे। अवतार सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सीएम द्वारा भेजी गई राशि से विकास कार्य नहीं शुरू हुए तो वह अनिश्चितकाल के लिए अपना धरना शुरू कर देंगे।
यह है मामला
सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा जारी ग्रांट को खर्च करने के लिए नगर पालिका चीका के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल ने अपने हिसाब से एक लिस्ट तैयार करके पालिका सचिव के माध्यम से डीसी कैथल द्वारा प्रदेश सरकार को भिजवाई थी लेकिन जो लिस्ट स्वीकृत होकर पालिका के पास पहुंची वह कोई और ही लिस्ट थी। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व विधायक दिल्लूराम बाजीगर ने दावा किया था कि यह लिस्ट उन्होंने तैयार करवाई है तथा पास भी करवाई है। पालिका के उपाध्यक्ष गोयल गुट ने इस लिस्ट के अनुसार शहर में काम करवाने से मना कर दिया तथा डीसी कैथल से मिलकर अपने वाली लिस्ट लागू करने की मांग की। दो-दो लिस्टों के झमेले से नगर पालिका के अधिकारियों ने दूरी बनाते हुए ग्रांट का पैसा खर्च करने की कार्रवाई शुरू ही नहीं की। हालांकि दोनों लिस्टों में से उचित कौन-सी है उस पर उच्चाधिकारी जांच कर रहे हैं।
राजनीतिक रोटियां न सेंके दिल्लू : गोयल
चीका नगरपालिका के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल ने कहा कि नगरपालिका द्वारा विकास कार्यों की जो लिस्ट बनाई गई है, वह लिस्ट सभी वार्डों में विकास कार्य करवाने के लिए ध्यान में रखकर बनाई गई है। सीएम द्वारा जारी की गई सूची में नपा द्वारा डीसी के माध्यम से सीएम को भेजी गई विकास कार्यों की लिस्ट सूची में नहीं है। हालांकि सूची में पूर्व संसदीय सचिव दिल्लूराम बाजीगर द्वारा भेजी गई लिस्ट संलग्न है। उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि लिस्ट बदलने में हेराफेरी हुई है, जिसकी शिकायत वह डीसी व मुख्यमंत्री द्वार में कर चुके हैं। उपाध्यक्ष ने कहा कि जैसे ही ऊपर से सही लिस्ट आ जाएगी तो तुरंत शहर में विकास कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। गोयल ने आगाह किया कि इस ग्रांट पर पूर्व संसदीय सचिव दिल्लूराम बाजीगर राजनीतिक रोटियां न सेंके, अन्यथा आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा।
गोयल को लिस्ट भेजने का हक नहीं : बाजीगर
पूर्व संसदीय सचिव दिल्लूराम बाजीगर ने सीएम द्वारा जारी दो करोड़ रुपये की राशि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगरपालिका में पहुंची सूची सीएम द्वारा स्वीकृत करके भेजी गई है। उसी लिस्ट के आधार पर क्षेत्र में विकास होना चाहिए। उन्होंने नपा उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गोयल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग सीएम की रैली का बहिष्कार कर रहे थे, उन लोगों को मुख्यमंत्री को राशि की लिस्ट भेजनेे का कोई अधिकार नहीं है। बाजीगर ने आरोप लगाया कि नपा द्वारा बनाई गई लिस्ट अपने चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचानेे के लिए बनाई गई है।
लोगों में रोष
काफी समय से शहर में विकास कार्य ठप होने से जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर वासी राजेश पिंटू, पवन कुमार, सुरेंद्र कुमार, गुलशन कुमार, सोमनाथ, जगबीर ने बताया कि कांग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई के कारण शहर का विकास ठप होकर रह गया है। सड़कें टूटी पड़ी हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गलियां व नालियां कीचड़ से भरीं होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बंद होकर रह गई है। इससे जहां सफाई व्यवस्था चरमरा गई है वहीं क्षेत्र में महामारी फैलने की भी आशंका बनी हुई है।
कमेटी का गठन
डीसी एनके सोलंकी का कहना है कि गुहला एसडीएम के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। यह कमेटी दोनों लिस्टों का अध्ययन कर क्षेत्र में जो भी काम प्राथमिकता के आधार पर करने पाए जाएंगे, उन कामों को करवाया जाएगा।