संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। गोंदर गांव के खेल मैदान की हालत खस्ता है। मैदान में बड़ी-बड़ी घास उगी है। ट्रैक भी उबड़-खाबड़ है। यहां वॉलीबॉल खेलने के लिए रोजाना काफी संख्या में युवा आते हैं, लेकिन कोई सुविधा नहीं है। खेल भवन की खिड़की व दरवाजे टूट हुए हैं। स्टेडियम के मुख्य द्वार पर गेट न होने और सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी न होने के कारण शाम को यहां पर नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है।
हालांकि यहां बने खेल भवन की इंडोर जिम में व्यवस्था अच्छी है। इसका 12 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन किया था। बारिश के मौसम में खेल मैदान में पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यहां वर्षा जल संचयन के लिए बनाए गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रोजेक्ट गंदगी से अटे पड़े हैं, जिस कारण मैदान में कई दिनों तक बारिश का पानी जमा रहता है। इस वजह से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते। मैदान में पीने के पानी व शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है। रात होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है। मैदान में सुविधाओं का अभाव होने के कारण खिलाड़ी महंगी प्राइवेट अकादमियों में प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं।
युवाओं का कहना है कि अभ्यास के लिए मैदान की कमी हमेशा खलती है। इस बारे में ग्राम पंचायत व खेल विभाग को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि 8 मई 2015 में इस खेल मैदान का उद्घाटन किया गया था। तब से यहां न तो कोई कोच और न ही खेल विभाग की ओर से सुरक्षा कर्मी की ड्यूटी लगाई गई।
जिले के विभिन्न गांवों में बने खेल मैदान बनवाने के उपरांत संबंधित ग्राम पंचायतों को उनकी देखरेख के लिए सौंप दिए गए थे। उनके कायाकल्प व रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। खिलाड़ियों को सुविधा के लिए पंचायत विभाग को भी लिखा जाएगा।
- राजबीर सिंह रंगा, जिला खेल अधिकारी