सीएम के मुख्य प्रधान सचिव ने उपायुक्तों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्णनगरी में गीता जयंती महोत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इतना ही नहीं जिले में स्थित करीब 40 तीर्थ स्थलों की साज-सज्जा भी कराई जाएगी। वहां विभिन्न कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव 28 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक कुरुक्षेत्र में भव्य ढंग से मनाया जाएगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ प्रबंधों की समीक्षा की। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को लेकर सभी अधिकारी अपनी ड्यूटी को अच्छे तरीके से करें और अपने-अपने जिलों में भव्य व गरिमापूर्ण ढंग से कार्यक्रमों का आयोजन करें। इनमें जनप्रतिनिधियों के साथ सभी धर्म के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्य प्रधान सचिव ने जानकारी दी कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में तंजानिया पार्टनर देश और उड़ीसा पार्टनर राज्य के रूप में शामिल हो रहे हैं। तंजानिया तथा उड़ीसा के कलाकार अपनी संस्कृति का प्रदर्शन अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से करेंगे और हरियाणवी संस्कृति से भी परिचित होंगे। जिला स्तर पर गीता महोत्सव नौ दिसंबर से 11 दिसंबर तक आयोजित होने है। जियो गीता परिवार का सहयोग लिया जाए तथा सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। महाभारत काल से जुड़े 48 कोस की परिधि में आने वाले पांच जिले कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद व पानीपत में करीब 182 तीर्थ स्थल स्थापित हैं। इन सभी तीर्थों की साज सज्जा की जाए और गीता जयंती महोत्सव के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएं ताकि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को गांव के लोग भी देख सकें।