करनाल की मूलभूत सुविधाओं को लेकर सामाजिक संस्थाआें के माध्यम से एक मंच
पर प्रत्याशियों को बुलाना भारी पड़ गया। रविवार को कर्ण स्टेडियम के नजदीक
कालीदास रंगशाला में आयोजित खुला साझा मंच में शाम को लगभग प्रत्याशी
पहुंच गए।
जब एक दूसरी पार्टियों के अलावा नेताओं से सवाल जवाब होने लगे तो
उनके समर्थक भड़क गए। वह अपने-अपने नेता के खिलाफ आए सवालों पर बहस करने
लगे। यदि पुलिस बीच में आकर कार्यक्रम बंद नहीं करवाती तो समर्थक भिड़
जाते। कार्यक्रम में हंगामा होने से करनाल के मुद्दों पर जनता सवाल जवाब
नहीं कर पाई।
इससे लोगों में रोष है। कार्यक्रम में भाजपा के प्रत्याशी
मनोहर लाल खट्टर, कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेंद्र नरवाल, इनेलो प्रत्याशी
मनोज वधवा, हजकां प्रत्याशी तेजपाल गर्ग, आजाद उम्मीदवार जयप्रकाश गुप्ता
सहित एक अन्य था। कार्यक्रम के दौरान एक सवाल आया कि 140 दिन में मोदी ने
क्या काम किए हैं।
कांग्रेसियों ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विकास
कार्य करवाए। जवाब मिले कहां पर हुए हैं विकास कार्य सहित कई सवाल कटाक्ष
भरे होने से समर्थक एक दूसरे से जोरदार से बहस करने लगे। पुलिस ने तुरंत
मोर्चा संभाला। समर्थक एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सिविल लाइन थाना के एसएचओ ललित कुमार ने माइक लिया और कार्यक्रम बंद होने
की घोषणा की। इसके बाद समर्थकों को पुलिस ने मौके से बाहर भेज दिया।
करनाल
विधानसभा क्षेत्र से चौदह उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। सामाजिक संस्था
सीजीसी और अन्य शहर की तीस संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कालीदास रंगशाला
में खुला साझा मंच का आयोजन किया। कार्यक्रम करवाने का उद्देश्य था कि जनता
करनाल से जुड़े कोई भी राजनैतिक सवाल पूछ सकती है। प्रत्याशी के
व्यक्तित्व जीवन से संबंधित कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा। समर्थक उनके नेताओं
के खिलाफ सवाल से ही बौखला गए।