फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनडीसी पोर्टल हैक करके फर्जी अस्थायी संपत्ति आईडी मामला

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार के एनडीसी पोर्टल को हैक कर फर्जी तरीके से अस्थायी संपत्ति आईडी जारी करने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अज्ञात हैकर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब 209 फर्जी आईडी को राजस्व विभाग को भेजकर तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है कि इन सभी आईडी पर कितनी रजिस्ट्री हुई हैं। तहसील से रिपोर्ट आने के बाद इन सभी रजिस्ट्री को निरस्त किया जाएगा। वहीं हैकर्स के खिलाफ तो कार्रवाई होगी ही, जिन लोगों ने इन आईडी पर रजिस्ट्री कराई हैं, उनके खिलाफ भी एफआईआर कराई जाएगी।
विज्ञापन

नगर निगम आयुक्त विक्रम के आदेश पर संयुक्त आयुक्त द्वारा की गई जांच टीम ने 209 ऐसी फर्जी आईडी पाई थीं, जिन्हें न तो नगर निगम के अधिकारियों ने एनडीसी दी थी न उनके बारे में निगम अधिकारियों को जानकारी थी। और गहराई से जांच की गई तो पाया कि सरकार का एनडीसी पोर्टल ही किसी ने हैक कर लिया और नगर निगम करनाल के संबंधित अधिकारियों के फोन नंबरों को भी हैक कर व गलत नंबरों को पोर्टल पर फीड करके उनके सहारे फर्जी तरीके से अस्थायी संपत्ति आईडी जारी की गई है। जिनके सहारे अवैध कालोनियों में जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। इसी आधार पर बिजली आदि का कनेक्शन व अन्य कई सुविधाएं मिल गईं। नगर निगम कमिश्नर विक्रम ने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि जो फर्जी आईडी बनाई गई हैं, उन सभी पर जमीन की रजिस्ट्री हो गई हो। सही स्थिति जानने के लिए तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई कि नवंबर से जनवरी तक जारी 209 आईडी पर कितनी रजिस्ट्री हुई हैं। इसके बाद जो भी रजिस्ट्री इन आईडी पर हुई हैं, उन सभी को निरस्त कर दिया जाएगा। इन रजिस्ट्री कराने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। पुलिस हैकर्स को गिरफ्तार करने के लगातार प्रयास कर रही है। यदि कोई अधिकारी कर्मचारी निगम या राजस्व महकमे का भी संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें