सरकारी योजना के तहत सब्सिडी आधारित ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हरिजन कल्याण निगम के पूर्व डीएम, बैंक मैनेजर और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित महिला द्वारा एसपी को शिकायत देने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है।
एसपी को दी शिकायत में शास्त्री नगर निवासी कलावती ने आरोप लगाया कि अगस्त 2020 में हरिजन कल्याण निगम के पूर्व डीएम सुलतान सिंह उनके घर आए और कहने लगे कि हरिजन कल्याण निगम में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए सब्सिडी आधारित ऋ ण की योजना आई है और मैं फार्म भर देता हूं। उन्होंने 500 रुपये फार्म भरने और 15 हजार रुपये अन्य खर्च के कागजों पर हस्ताक्षर कराते हुए लिए। 2 जनवरी 2021 को वे फिर घर आए और कहा कि आपका लोन जल्द स्वीकृत हो जाएगा। इसके लिए मेरे साथ चलकर इंडियन बैंक फूसगढ़ में खाता खुलवाना होगा। उसी में स्वीकृत ऋण राशि आएगी। 16 अप्रैल को जब मैं इंडियन बैंक फूसगढ़ गई और लोन का पता किया तो बैंक में मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर सारे पैसे निकलवाए गए थे। मैंने हरिजन कल्याण निगम से पता किया तो बताया कि विभाग ने उसके खाते में उसकी सब्सिडी भी भेजी है। लेकिन बैंक में न तो सब्सिडी मिली न धनराशि। जब बैंक मैनेजर से पूछा तो वह सीट छोड़कर चला गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि जनस्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी रामेश्वर भी इनके साथ मिला है। ये सब मिलकर सरकार और लोगों को चूना लगा रहे हैं।
महिला विकास निगम से भी पास हुआ था लोन
महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने महिला विकास निगम मॉडल टाउन जाकर पता किया तो उन्होंने बताया कि यहां से भी एक लोन पारित हुआ है और उसकी सब्सिडी भी बैंक में भेजी है। उसके बाद मुझे पता चला कि मेरी तरह अन्य कई महिलाओं के भी पैसे आरोपियों ने झूठे कागजात तैयार कर व फर्जी हस्ताक्षर कर गबन किए हैं।
समझौता न करने पर मिली धमकी
महिला ने आरोप लगाया कि 18 अप्रैल को सुलतान सिंह ने मुझे मेरे पड़ोस में रहने वाली महिंद्रो के घर बुलाया। वहां शास्त्री नगर निवासी रीना, रोशनी, कमलेश और प्रवीन पहलवान मौजूद थे। सुलतान सिंह के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, उसने कहा कि उससे गलती हो गई है और अब समझौता करना चाहता है। समझौते के रूप में सुलतान सिंह ने उन्हें 1.20 लाख रुपये देने की पेशकश की। उसने मना कर दिया। इस पर वह भड़क गया और धमकी दी।