पुलिस ने जीरो एफआईआर करके जांच झिंझाना थाना पुलिस को सौंप दी है। इस बारे में झिंझाना पुलिस का कहना है कि अभी मामले की तफ्तीश जारी है। संजीत के भाई सुरजीत सिंह ने बताया कि उनका भाई पत्राचार से बीए फर्स्ट में पढ़ता था। गत 23 जनवरी को उसका दोस्त मैनपाल राणा आया और उसको अपने साथ ले गया।
इसके बाद से संजीत वापस नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि करनाल से ही पहले संजीत का अपहरण किया गया और बाद में उसकी यूपी में जे जाकर हत्या कर दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी मैनपाल राणा यूपी के गांव भूरा गया था, जहां दूसरे आरोपी अनवर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया गया। परिजनों का आरोप है कि करनाल से ही संजीत का अपहरण किया गया था और उसे जबरजस्ती यूपी ले जाया गया। जहां उसकी हत्या कर दी गई।
इतना ही नहीं मामले को दबाने के लिए उन्होंने शव को बिड़ौली यमुना में फेंक दिया। बाद में पुलिस ने शव को बरामद किया था। थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस मामले में हत्या कर शव को खुर्द बुर्द करने का केस दर्ज किया है। उधर, इस बारे में यूपी झिंझाना थाना के प्रभारी आरबी सिंह का कहना है कि मामले की तफ्तीश जारी है, जो भी दोषी होगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।