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Karnal News: छात्रों के निशुल्क सफर का विभाग पर पड़ेगा 33 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

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- छात्रों की बजाय उच्चतर या स्कूली शिक्षा निदेशालय परिवहन विभाग को देगा बस पास फीस
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- करनाल जिले में ही सालाना डेढ़ करोड़ के बनते थे पास, अब छात्रों के लिए हुई फीस माफ

गगन तलवार
करनाल। छात्राओं की तर्ज पर छात्रों को भी सरकार ने शिक्षा के निशुल्क सफर की सौगात दी है, इससे छात्रों का तो किराया माफ हो गया पर संबंधित विभाग पर इस किराये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रदेश के सभी जिलों में बस से स्कूल या कॉलेज पहुंचने वाले छात्रों का आंकड़ा देखें तो इससे करीब 33 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उच्चतर शिक्षा निदेशालय व स्कूली शिक्षा निदेशालय पर पड़ेगा।

योजना के अनुसार, प्रदेश में अब स्कूल या कॉलेज आने वाले छात्रों के भी बस पास निशुल्क बनाए जाएंगे। पहले केवल लड़कियों के निशुल्क बस पास बनते थे, अब सरकार ने आचार संहिता से पहले छात्रों को भी यही सौगात दी है। योजना में छात्रों को अब कोई फीस नहीं देनी होगी। इनकी बजाय संबंधित विभाग यानी कॉलेज का छात्र है तो उच्चतर शिक्षा निदेशालय और स्कूल का छात्र है तो शिक्षा निदेशालय इस बस पास की फीस का भुगतान करेगा।
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रोडवेज के पास सेक्शन प्रभारी गोपाल कृष्ण शर्मा के अनुसार, करनाल जिले में सालाना ऐसे करीब 13 हजार छात्रों के बस पास बनाए जाते हैं। जिनसे गत वर्ष करीब सवा करोड़ रुपये का रेवेन्य परिवहन विभाग को प्राप्त हुआ। अब ये पास निशुल्क बनाए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 22 जिलों में औसतन इतने ही पास बनते हैं, जिनसे परिवहन विभाग को 33 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था। अब जो विभाग इस पास बनाने की अनुशंसा करेगा, उन्हें इनका भुगतान करना होगा। ऐसे में यह योजना छात्रों के लाभ के साथ-साथ विभाग पर अतिरिक्त बोझ है।

कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों के लिए नहीं सुविधा
बस पास स्कूल या कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का ही बनेगा। इनके नाम और जानकारी भी संस्थान की ओर से ही रोडवेज अधिकारियों को दी जाएगी। इसी के आधार पर छह माह के लिए बस पास जारी किया जाएगा। कोचिंग सेंटरों में पढ़ने आने वाले बच्चों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। यह केवल हरियाणा बोर्ड, प्रदेश के विश्वविद्यालय या इनसे संबंधित कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए ही है। पहले यह पास सालाना बनता था, अब इसे छह माह अवधि के लिए ही जारी किया जाएगा।

पास से 60 से बढ़ाकर 150 किमी. की दूरी
विभाग की ओर से पास की सीमा 60 किलोमीटर से बढ़ाकर अब 150 किलोमीटर कर दी गई है। जिसके बाद विद्यार्थी आसानी से 150 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे। सभी स्कूल और कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों को मुफ्त में पास दिए जाएंगे।बस पास बनवाने के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले अपने शिक्षण संस्थान से ही आवेदन करना होगा। जिसके बाद रोडवेज विभाग द्वारा छह महीने के लिए विद्यार्थियों को बस पास जारी किए जाएंगे। छह महीने का वक्त पूरा होना के बाद विद्यार्थियों पास रिन्यू करवाना होगा।
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परिवहन विभाग की ओर से लड़कों के बस पास को रोडवेज बसों के साथ-साथ सहकारी समिति की बसों में भी लागू करने के आदेश हैं। इसके लिए डिपो महाप्रबंधकों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद निजी बस परिचालक विद्यार्थियों को बैठाने में आनाकानी नहीं कर पाएंगे। पास की राशि का भुगतान छात्र से संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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