प्रदेशभर में लंबित हजारों ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शनों को मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक जारी न करने सहित बिजली से संबंधित कई मांगों वाला ज्ञापन सौंपकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जल्द समाधान की मांग की है। ज्ञापन में प्रमुख तौर पर प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दिल्ली सरकार की तर्ज पर पहली 300 यूनिट फ्री देने व मुख्यमंत्री मनोहर लाल व बिजली मंत्री रणजीत सिंह से संयुक्त रूप से भाकियू के शिष्टमंडल से जल्द उच्च स्तरीय बैठक करवाने की मांग की है, ताकि समय पर समस्याओं का समाधान हो सके। भाकियू के शिष्टमंडल ने बिजली निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर को ज्ञापन सौंपा गया। शिष्टमंडल की अगुवाई भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने की। निगम के सीएमडी कपूर ने सभी मांगों पर गंभीरता दिखाते हुए जल्द मुख्यमंत्री से वार्ता करवाएं जाने का शिष्टमंडल को आश्वासन दिया। भाकियू शिष्टमंडल में चीफ ऑग्रेनाइजर प्रताप सिंह माजरा, प्रदेश कार्यालय सचिव बलजीत सिंह राठी, अंबाला मंडल अध्यक्ष नरपत सिंह राणा, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, जिला करनाल सरंक्षक महताब कादियान, पंचकूला जिला महासचिव सुशील राणा, जिला अंबाला प्रवक्ता विरेंद्र राणा शामिल रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदेश सरकार ने लंबित पड़े ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन देने घोषणा की थी।
लंबित ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन की संख्या आज करीब 85,000 है।
गत वर्ष बिल निपटान योजना जारी की गई थी। जिन उपभोक्ताओं के डिफाल्टर होने की वजह से मीटर उतार लिए गए थे। बिल निपटान के बाद उनके घरों के बाहर मीटर लगाने की बात हुई थी। बिजली निगम की ओर से अभी तक मीटर नहीं लगाए हैं।
जगमग योजना के तहत जो मीटर घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं। उनकी बिलिंग ठीक से नहीं हो रही है। इससे उपभोक्ताओं में संदेह पैदा हो रहा है कि ये मीटर ज्यादा तेज चलने वाले हैं। एकाउंट सिस्टम में संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाए।
कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल व रोहतक में कई वर्ष पूर्व लागू की गई अपना ट्रासफार्मर योजना में ट्रासफार्मर के चोरी होने की एवज में किसान से 20 प्रतिशत कीमत लेेने की शर्त खत्म की जाए।
प्रदेश के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को दिल्ली सरकार की तर्ज पर पहली 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाए।