बसों की कमी के कारण हरियाणा रोडवेज की रक्षाबंधन पर फ्री बस यात्रा बहनों के लिए मुसीबत बन गई। रोडवेज की ओर से महिलाओं के लिए डेढ़ दिन तक सर्विस फ्री कर दी है, लेकिन यात्रियों की भीड़ के मुताबिक बसों की व्यवस्था नहीं की है। जिले के ज्यादातर रूटों पर रोडवेज की सर्विस बेहद कम है। इससे उन रूटों पर अपने मायके जाने वाली महिलाओं को रोडवेज की इस सुविधा का लाभ नहीं मिला है। इसके अलावा लंबे रूटों पर जाने वाली बहनों को भी खचाखच भरी बसों में घंटों का सफर खड़ा होकर तय करना पड़ा रहा है। ऐसे में रोडवेज की फ्री सर्विस ने बहनों को भी मुफ्त की टेंशन दे दी है। रोडवेज प्रबंधन की इस लापरवाही से यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की है।
रोडवेज द्वारा पिछले वर्ष की भांति इस बार भी डेढ़ दिन तक महिलाओं के लिए फ्री सर्विस देने का निर्णय लिया है। इस वजह से ज्यादातर महिलाओं ने रक्षाबंधन पर अपने मायके जाने के लिए बसों को ही चुना है। इससे बसों में यात्रियों की भीड़ कई गुना बढ़ गई है, रोडवेज द्वारा रक्षाबंधन पर बहनों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के दावे किए थे, लेकिन बुधवार को दोपहर बाद से शुरू हुई रोडवेज फ्री सर्विस के चलते अधिकतर रूटों पर हजारों महिलाएं अपने मायके की तरफ रवाना हुई, लेकिन जिले के ज्यादातर लोकल रूटों पर महिलाओं रोडवेज की बस नहीं मिली। इसके अलावा चंडीगढ़, दिल्ली, हिसार, सिरसा, रोहतक व यूपी की तरफ लंबे रूटों पर जाने वाली बसों में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से महिलाओं को बसों के लिए घंटों तक बस स्टैंड पर ही इंतजार करना पड़ा। इंतजार करना ही समस्या का समाधान नहीं था, उन्हें बसों की खिड़कियों में लटक कर सफर करने पर मजबूर होना पड़ा।
बहनें आज भाइयों की कलाई पर बांधेगी रक्षा सूत्र
भाई बहन के पावन प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व आज है और बहनों ने भी अपने भाइयों की कलाइयों को सुंदर राखियों से सजाने व उनकी लंबी आयु की कामना करने लिए तैयारियां पूर कर ली हैं। बृहस्पतिवार को सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू होगा। जो देर शाम तक जारी रहेगा। रक्षाबंधन को लेकर हर तरफ खुशी की उमंग है।
प्राइवेट बस संचालकों ने की मनमानी
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार बुधवार को दोपहर बाद से ही महिलाओं के लिए रोडवेज की बसों में यात्रा फ्री हो गई है। जो रक्षाबंधन के दिन 18 अगस्त को आधी रात तक जारी रहेगी, लेकिन प्राइवेट बस संचालक सरकार के निर्देशों के बाद भी महिलाओं से किराए की वसूली कर रहे हैं। जबकि प्राइवेट बसों को जारी परमिट में सीधे शब्दों में लिखा गया है कि जो नियम व सुविधाएं यात्रियों को रोडवेज की बसों में मिलेंगी, वहीं सुविधाएं प्राइवेट बसों में भी दी जाएंगी। आरटीए सचिव द्वारा बसों व बस स्टैंड पर नोटिस चस्पा कर महिलाओं के बसों में फ्री यात्रा करने की बात कही है, लेकिन प्राइवेट बस संचालक किसी की बात मानने के तैयार नहीं है। इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर यात्री
रक्षाबंधन को लेकर बसों में महिलाओं की अत्यधिक भीड़ होने की वजह से आम यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूर होकर बसों की खिड़कियों में लटककर या फिर छतों पर बैठना पड़ा रहा।
वर्जन
रक्षाबंधन पर बहनों को बसों की बेहतर सर्विस मुहैया कराने के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सभी रूटों पर बसों के फेरों में इजाफा कर दिया है। इसके अलावा जिन रूटों पर यात्रियों की अत्यधिक भीड़ है, वहां अतिरिक्त बसें भी चलाई जा रही हैं।
- जयपाल राणा, रोडवेज डिपो महाप्रबंधक करनाल ।