माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। पॉली हाउस लगाने के नाम पर लोन करा करीब 64 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है।
आरोपियों ने किसान की जमीन पर लोन कराया और उसे एनबीएच योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत की सब्सिडी दिलाने का भी लालच दिया। बुटान खेड़ी निवासी किसान सुभाष सिंह ने बताया कि कई वर्ष पूर्व इंद्री के अजय, विजय और अमित कुमार उनके पास गांव में आए और बताया कि वे नेट शैड पोली हाउस लगाते हैं। उन्होंने लालच दिया कि एनबीएच (राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड) योजना के माध्यम से वे लाखों रुपये कमा सकते हैं। योजना में आपको फूलों की खेती करनी होगी, दिल्ली के नजदीक जिला होने के कारण फूल यहां आसानी से बिक भी सकते हैं। इसके बाद वे पीएनबी की इंद्री शाखा के पूर्व प्रबंधक बलदेव राज को उनके पास ले आए। इन्होंने भी उन्हें अपनी गारंटी देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट इन तीनों ने लगाना है और लोन मैंने करना है।
इसके बाद आरोपियों ने उनका पीएनबी में ही खाता खुलवाया और उनका 3916600 रुपये का लोन कर दिया। साथ ही 6.73 लाख रुपये केसीसी कर दिया। बैंक प्रबंधक द्वारा 3164528 रुपये का उनका शेयर बनाकर प्रोजेक्ट तैयार कर दिया और दस्तावेजों पर उनसे हस्ताक्षर करवा लिए। जून 2016 में 31.86 लाख रुपये विस्ता ग्रीन टेक कंपनी को दिए व 5.39 लाख रुपये इनके खाते में प्रोजेक्ट के लिए चले गए। इसके बाद 19.80 रुपये व 6.60 लाख रुपये दोनों आरोपियों की कंपनी मार्डन एग्रीकल्चर को चले गए। इसके बाद उनका नेट हाउस लगाया गया।
अब करीब 12 वर्ष बाद बैंक से फोन आया कि आपको लोन के खाते में किस्त डालनी है। इसके बाद केसीसी खाते से पहली किश्त 3.30 लाख रुपये लोन में डाल दी। इसके बाद वे तीनों से मिले और सब्सिडी की जानकारी ली। फिर अगली किश्त का समय आ गया। इस पर आरोपियों ने दबाव बनाया कि यदि किश्त नहीं भरी तो बैंक खाता एनपीए हो जाएगा।
फिर उन्होंने एनएचबी के गुरुग्राम कार्यालय में जांच की तो पता चला कि उनका सत्यापन भी नहीं हुआ। ऐसे में उनकी जमीन पर आरोपियों ने मिलीभगत करके बैंक लोन करवा दिया और 19.18 लाख रुपये की किश्तें उनसे जमा कराई।