अंबाला। देश के सात अलग-अलग राज्यों में फर्जी मोबाइल सिम कार्ड के जरिये युवाओं को नौकरी का झांसा देने पर अंबाला साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शातिर आरोपी ने सिम कार्ड फर्जी दस्तावेजों के सहारे लिए था।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पड़ताल की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने की 26 शिकायतें दर्ज पाई गईं। अंबाला साइबर थाना पुलिस ने अब फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी करने वाले स्टोर और आरोपी मनोज कुमार की तलाश शुरू कर दी।
2018 में छोड़ चुका था दिया गया पता
एडीजीपी साइबर हरियाणा, पंचकूला के आदेशानुसार संदिग्ध सिम कार्ड धारकों के सत्यापन के लिए अंबाला साइबर थाने में जांच पहुंची थी। 10 अगस्त को एएसआई जयदेव की टीम अंबाला सिटी के हीरा नगर स्थित आरोपी के पते पर जांच के लिए पहुंची थी। मौके पर पड़ताल करने पर सामने आया कि आरोपी मनोज कुमार वर्ष 2018 में ही वह मकान छोड़कर कहीं चला गया था। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
फर्जी तरीके से कराई थी ई-केवाईसी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने उसी पुराने पते का उपयोग कर 20 फरवरी 2026 को वोडाफोन (वीआई) कंपनी से ई-केवाईसी के जरिए सिम कार्ड जारी करवाया था। हैरानी की बात यह है कि 3 अप्रैल 2026 को अंबाला के रेलवे रोड स्थित स्टोर से इसे री-वेरीफाई भी करवाया था। बावजूद पुलिस को कानोंकान भनक तक नहीं लगी। गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर जब आरोपी के मोबाइल नंबर 7056499574 की जांच की गई तो उस पर अलग-अलग राज्यों में कुल 26 गंभीर शिकायतें दर्ज पाई गईं। आरोपी इस नंबर के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें नौकरी लगवाने का झांसा देता था और साइबर ठगी को अंजाम देता था।संवाद
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साइबर थाना पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। सिम जारी करने वाले का भी पता लगाया जाएगा।
अजीत सिंह शेखावत, एसपी अंबाला
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