इंद्री। खंड इंद्री के गांव जनेसरो के सरपंच को भ्रष्टाचार का दोषी करार देते हुए जिला अदालत ने चार साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
इस मामले का सबसे बड़ा पहलू यह है कि शिकायतकर्ता भी अपने ब्यान से मुकर गया था। स्टेट विजिलेंस ने फैसले का स्वागत किया है। गौरतलब है कि स्टेट विजिलेंस की टीम ने 10 अगस्त 2011 को रजूलेशन के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सरपंच को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। जनेसरो निवासी गुलबहार अली ने इंस्पेक्टर सत्यनारायण शर्मा को शिकायत दी थी कि उनके घर के सामने एक पिलखन का पेड़ खड़ा है जो उनके रास्ते में बाधक है।
इसे कटवाने के लिए पंचायत को रजूलेशन डालना पड़ता है। गांव का सरपंच सुनील कुमार उससे रेजुलेशन के एवज में 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है। विजिलेंस ने इस पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी को सूचना दी और उन्होंने नायब तहसीलदार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया।
इसके बाद उनके नेतृत्व में एसआई राजकुमार, एसआई सुभाष चंद, एएसआई कुलदीप, हेड कांस्टेबल सतबीर और हेड कांस्टेबल सतबीर सिंह की टीम बनाई गई। सरपंच को माल रोड पर एक ढाबे पर बुलाया गया था और उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया। । करीब ढाई साल की सुनवाई के बाद जिला अदालत ने बुधवार को सरपंच को दोषी करार देते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी को तीन साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना और एक अन्य धारा के तहत चार साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
इस केस में खास बात यह है कि शिकायतकर्ता ने केस की सुनवाई के दौरान ही अपने बयानों से पलटी मार दी। सरपंच को जमानत मिलने के बाद वह सरपंच के पक्ष की बातें करने लगा था। स्टेट विजिलेंस ने इस मामले में सख्ती बरती और उसके खिलाफ जिला अदालत में इस्तगासा दायर कर दिया। अदालत ने भी उसके मुकरने को कोई तवज्जो नहीं दी और आरोपी को सजा सुना दी। स्टेट विजिलेंस के इंस्पेक्टर सत्यनारायण शर्मा ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई नौकरशाह काम के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उन्हें मोबाइल नंबर 9050029992 पर तुरंत सूचना दें।