माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। असंध के राधे-राधे और अग्रवाल राइस मिल से 9.25 करोड़ रुपये के धान घोटाले में हैफेड ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मामले में संलिप्त हैफेड करनाल के प्रबंधक प्रमोद कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक दर्शन सिंह और सोनीपत के प्रबंधक रीना व जोगिंद्र सिंह समेत चार को निलंबित किया है। धान खरीद और जांच की जिम्मेदारी इन पर ही थी। 2 नवंबर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के छापा में उजागर हुए मामले में विभाग ने डेढ़ माह में यह दूसरी कार्रवाई की है। पहले विभाग ने 4 नवंबर को करनाल के जिला प्रबंधक (हैफेड) अमित कुमार, असंध प्रबंधक सुरेंद्र और निरीक्षक अशोक को निलंबित किया था।
मामले के अनुसार, 2 नवंबर को हुई उड़नदस्ते की जांच के दौरान पाया कि अग्रवाल एंड संस राइस मिल असंध को सरकार की ओर से 39460 बैग धान आवंटित किया था, जिसमें से मौके पर सिर्फ 13220 बैग मिले, यहां 26240 बैग यानी 9840 क्विंटल धान कम था। इसी तरह राधे-राधे राइस मिल को 148113 बैग धान के दिए गए, सत्यापन के दौरान मौके पर 86215 बैग ही मिले, यहां 61898 यानी 23212 क्विंटल धान कम पाया। दोनों मिलों में कुल 33052 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी कीमत 9 करोड़ 25 लाख 45 हजार 600 रुपये है। जांच में सामने आया कि मिलों में यह धान गोहाना, असंध और निसिंग की मंडी से पहुंचा था।
खरीद के बाद रिकार्ड जांच की इन्हीं की थी जिम्मेदारी
जिन प्रबंधकों को अब निलंबित किया गया है। उनके जिम्मे ही खरीद के बाद राइस मिलों में गए धान के स्टॉक और रिकॉर्ड की जिम्मेदारी थी। अब विभागीय जांच में सामने आया है कि इन अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी में कोताही बरती और स्टॉक की जांच ही नहीं की। इसी कारण 2 नवंबर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच के दौरान धान की गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद से हैफेड मुख्यालय ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी थी, जोकि अब तक जारी है।
मिल संचालक तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर
मामला उजागर होने के बाद असंध थाना पुलिस ने राधे-राधे मिल संचालक शीशपाल को गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे मिल संचालक तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की जांच में सामने आया था कि दोनों मिलों में हुई गड़बड़ी में आरोपी सुनील गोयल की संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जबकि तरसेम तभी से भागा है। अब तक पुलिस मामले में कुछ भी बरामद नहीं कर पाई है।
कागजों में दिखाई गई थी खरीद
हैफेड के जिला प्रबंधक कृपाल दास ने बताया कि दोनों मिलों में जो स्टॉक दिखाया गया था, असंध के हैफेड स्टाफ ने उसे गोहाना मंडी से खरीदा दर्शाया था। जबकि वहां से खरीद की जिम्मेदारी वहां के अधिकारियों की थी, इसी तरह से वहां भी धान खरीद कागजों में दिखाया गया। जब असंध में जांच हुई तो मिल में धान नहीं मिल पाया तो विभाग की जांच में सामने आया कि गोहाना से ज्यादा धान की आवक दिखाई गई थी लेकिन मिल में नहीं मिला। अभी विभाग की ओर से जांच जारी है।