प्रशासन ने हड़ताल में शामिल बिजली निगम के 450 कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया है। ये सभी कर्मचारी कांट्रैक्ट पर लगे हैं। बिजली निगम ने इन कर्मचारियों को वीरवार दोपहर 12 बजे तक काम पर लौटने के आदेश दिए थे लेकिन इन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की जिस कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इन कर्मचारियों को अगले आदेश तक बाहर का रास्ता दिखा दिया। मालूम हो कि विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल का वीरवार को आखिरी था। इन कर्मचारियों पर कार्रवाई होने से अन्य विभागों के हड़ताल पर गए कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई है। अब उन्हें डर सता रहा है कि किन्हीं उन्हें भी नौकरी से न निकाल दिए जाए।
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता एसके बंसल ने बताया कि निगम के करीब 450 कर्मचारियों को वीरवार 12 बजे तक ड्यूटी पर लौटने को कहा गया था लेकिन कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। इस कारण 450 कच्चे कर्मचारियों को अगले विभागीय आदेशों तक बाहर निकाल दिया है। जब तक अगले आदेश नहीं आते तब तक इन कर्मचारियों को काम पर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि बिजली निगम द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को बिजली किल्लत से न जूझना पड़े।
बैठक में उठेगा मुद्दा
इस संबंध में कर्मचारी नेता सतबीर गोयत ने कहा कि अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होने वाली बैठक में सबसे पहला मुद्दा इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने का होगा। इसके बाद ही बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी।