संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कुंजपुरा की नई अनाज मंडी में खरीद के बाद गोदाम में पहुंची गेहूं की बोरियों से ईंटें निकलने के मामले में आढ़ती दीपक वर्मा के खिलाफ कुंजपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। लापरवाही सामने आने के आठवें दिन मार्केट कमेटी सचिव की शिकायत पर कार्रवाई हुई है। चार दिन मामले में जांच की गई।
कुंजपुरा मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि रबी मार्केटिंग सीजन 2026 के दौरान 30 अप्रैल को फर्म एम/एस मनोहर लाल दीपक कुमार ने गोदाम में गेहूं की बोरियां भेजी थी। गोदाम के अंदर पहुंचने पर वहां जांच हुई तो बोरियों के अंदर ईंटें भी मिलीं। इसके बाद एजेंसी और मार्केट कमेटी की टीम ने जांच की तो सामने आया कि फर्म ने वजन बढ़ाने की नियत से जानबूझकर गेहूं के बीच में ईंट भरी थी।
फर्म नई अनाज मंडी कुंजपुरा में लाइसेंस बोर्ड के तहत काम कर रही है। मामला सामने आने के बाद फर्म को सुनवाई का मौका दिया गया। इसके बाद लाइसेंस की शर्तों के क्लॉज-10 के तहत कार्रवाई करते हुए 30 अप्रैल को फर्म का लाइसेंस 7 दिनों के लिए निलंबित किया था।
मार्केटिंग बोर्ड के लाइसेंस नियमों के अनुसार, गेहूं की बोरियों की भराई, सिलाई, गुणवत्ता जांच और गोदाम तक भेजने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित लाइसेंस धारक फर्म की होती है। ऐसे में बोरियों में ईंटों का पाया जाना सीधे तौर पर लापरवाही, धोखाधड़ी और सरकारी खरीद प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।
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पुलिस को साैंपी जांच रिपोर्ट और सभी दस्तावेज
मार्केट कमेटी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि 4 मई तक की गई जांच की रिपोर्ट, आढ़ती को दिया गया नोटिस, सस्पेंशन आर्डर और अन्य संबंधित दस्तावेज पुलिस को दिए गए हैं। कुंजपुरा थाना प्रभारी विक्रांत ने बताया कि मार्केट कमेटी के सचिव की शिकायत पर फर्म के मालिक दीपक वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब मार्केट कमेटी की जांच रिपोर्ट, नोटिस आदि के आधार पर जांच करेगी।
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आढ़ती पर दो बार लगाया जा चुका है जुर्माना
गेहूं की बोरियों में ईंटें भरे जाने के मामले में विभाग ने अगले ही दिन आढ़ती पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। इसके अगले दिन मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने भी 20 हजार रुपये अलग से जुर्माना लगाया था।