माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लेन पर योजनाबद्ध तरीके से हमला कर नकदी व मोबाइल छीनने के मामले में फरार चारों आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चार मुख्य आरोपी पहले पकड़े जा चुके हैं। मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सीआईए-1 के मुख्य सिपाही प्रवीन कुमार की अध्यक्षता में टीम ने आरोपी मंदीप वासी गांव जठलाना यमुनानगर, अंकित वासी उड़ाना, सचिन देव और रविकांत वासी गांव समानाबाहु को नीलोखेड़ी से गिरफ्तार किया। आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल दूसरी बाइक, लाठी-डंडे व एक हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पूर्व में गिरफ्तार चार आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था।
23 नवंबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी जतिन, साहिल, विशाल और गौतम वासी गांव बोड़ी कुरुक्षेत्र को तरावडी बस अड्डा के पास से गिरफ्तार किया था। आरोपियों से छीना मोबाइल, एक हजार रुपये व एक बाइक बरामद की गई थी।
विरेंद्र शर्मा वासी गांव बैरसाल 16 अक्तूबर की शाम अपने साथी बिन्दर के साथ बाइक पर समानाबाहू होते हुए मयूर ढाबे पर ड्यूटी के लिए जा रहे थे। मयूर ढाबा की तरफ जाते समय एक बाइक सवार दो आरोपी पीछा करने लगे और उनकी बाइक को धक्का देकर गिरा दिया। फिर उस जगह पर पहले से घात लगाकर बैठे अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोपी एक मोबाइल व चार हजार रुपये छीनकर ले गए थे।
आरोपी जतिन ने बनाई थी योजना, अन्य सड़क किनारे छिपे थे
आरोपियों ने खुलासा किया वे अलग-अलग तरह के नशे के आदी हैं। नशा करने के लिए उनके पास रुपये नहीं थे। जिसके बाद मुख्य आरोपी जतिन ने साथियों के साथ मिलकर किसी को लूटने की योजना बनाई। योजना के तहत कुछ आरोपी लाठी-डंडों के साथ एक जगह पर सड़क के किनारे छिप गए और एक बाइक पर सवार होकर दो आरोपी किसी को निशाना बनाने के लिए सड़क पर चल रहे थे।