Former landlord murdered and buried girlfriend and her two children, arrested from Bhadoi
- फोटो : Panipat
बबैल रोड पर शिव नगर स्थित एक मकान में मिले तीन कंकालों के मामले में पुलिस ने पूर्व मकान मालिक 47 वर्षीय अहसान सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, अहसान ने ही करीब ढाई साल पहले अपनी प्रेमिका और उसके दो बच्चों की हत्या कर शवों को घर की लॉबी में दबा दिया था। शवों के साथ ही संभावित कत्ल के हथियार छुरे को भी रख दिया था और मकान बेचकर भाग गया था। पुलिस की अहसान से पूछताछ जारी है।
पानीपत में अपनी प्रेमिका और उसके दो बेटों की हत्या करने के बाद वह उत्तर प्रदेश के भदोई भाग गया और मामदेवपुर स्थित कांशीराम शहरी आवासीय योजना में किराए पर मकान लिया। अहसान सैफी ने वहां पर कारपेंटर का काम शुरू कर दिया। इतना ही नहीं कांशीराम शहरी आवासीय योजना में दूसरी प्रेमिका के साथ रहने लगा था। सीआईए-1 प्रभारी राजपाल अहलावत ने बताया कि फिलहाल अहसान से पूछताछ जारी है। तीनों हत्याएं उसी ने की हैं, जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। सीआईए-1 की टीम कंकाल मिलने के 24 घंटे के अंदर ही ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझा लिया। हत्या आरोपी अहसान से पूछताछ जारी हैं। वीरवार को उसे कोर्ट में पेश कर हत्या का कारण जानने के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। गौरतलब है कि शिवनगर कालोनी में मंगलवार की दोपहर मकान की मरम्मत के दौरान खुदाई में एक महिला और दो बच्चों के कंकाल मिले थे।
तीनों कंकाल की पानीपत में जांच नहीं हो सकी, उनकी जांच के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। तीन नर कंकाल मिलने का मामला चंडीगढ़ तक पहुंच चुका है, जिसके बाद से सीएम मनोहर लाल खुद डीजी से अपडेट ले रहें हैं। उच्च अधिकारियों ने पानीपत पुलिस को निर्देश दिया है कि मामले में किसी भी प्रकार की कोई चूक न हो। ऐसे में तीनों कंकालों की जांच तीन फॉरेंसिंक एक्सपर्ट के बोर्ड से कराने के आदेश दिए गए। सिविल अस्पताल में एक फॉरेंसिंक एक्सपर्ट था, जिसकी वजह कंकालों की जांच नहीं हो सकी और उन्हें डीएनए जांच के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया।
रोहतक पीजीआई में कंकालों की जांच हो गई है। तीन फॉरेंसिंक एक्सपर्ट की टीम ने जांच के बाद बताया है कि बच्चों की उम्र 12 से 14 और महिला की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच में है। इसके साथ ही शवों को दो से तीन साल पहले दफनाया गया है। इससे पहले पानीपत सामान्य अस्पताल में जांच के लिए पहले दो डॉक्टरों का बोर्ड बनाया गया था। जिसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नारायण डबास और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन को शामिल किया गया था। उनकी प्राथमिक जांच में भी यही बात सामने आई थी।