करनाल। जिले में 12.60 करोड़ रुपये के धान घोटाले में खाद्य आपूर्ति विभाग के पूर्व सहायक निरीक्षक रामफल को तरावड़ी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर तरावड़ी के बाला जी राइस मिल में 10 हजार क्विंटल और विश्वकर्मा राइस मिल में हुए 26 हजार क्विंटल के धान घोटाले में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उसने मिल संचालकों से मिलीभगत करके घोटाले को अंजाम दिया। रामफल को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
तरावड़ी थाना पुलिस के जांच अधिकारी हरविश ने बताया कि रामफल को रविवार को अदालत में पेश करके रिमांड लिया जाएगा। उससे बालाजी राइस मिल में हुए घोटाले के बारे में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले रामफल का नाम बीआरसी ओवरसीज को गलत तरीके से धान रखने की अनुमति देने में सामने आया था। उस मामले में भी तरावड़ी थाने में उसके व तरावड़ी मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
उन्होंने बताया कि बीआरसी मामले में हुई विभागीय जांच के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह ने 15 मई 2026 को रामफल को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब आरोपी रामफल का नाम बालाजी राइस मिल में हुए 10 हजार क्विंटल धान घोटाले और विश्वकर्मा राइस मिल में हुए 26 हजार क्विंटल धान घोटाले में भी आया है। आरोपी से इन मामलों में पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के बाद घोटाले में अन्य लोगों के नाम आ सकते हैं।
यह है मामला
डीएफएससी मुकेश कुमार की शिकायत पर तरावड़ी थाना पुलिस ने बालाजी राइस मिल के संचालकों मोहित, सुरेंद्र और उनके पार्टनर अरुण और खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक देवेंद्र और सहायक निरीक्षक रामफल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। दूसरे मामले में विश्वकर्मा राइस मिल में 26 हजार क्विंटल धान कम पाए जाने पर मिल के मालिक महेंद्र जांगड़ा, डीएफएससी निरीक्षक देवेंद्र और सहायक निरीक्षक रामफल के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज हुई थी।