इंद्री। 40 डिपो संचालकों द्वारा की गई भ्रष्टाचार की शिकायत पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के निदेशक चंद्रशेखर खरे ने विभाग के इंद्री में तैनात खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक कपिल जाखड़ को निलंबित कर दिया है।
12 जुलाई को इंद्री के 40 डिपो संचालकों ने खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक कपिल जाखड़ के खिलाफ डीएफएससी करनाल को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में डिपो होल्डरों ने आरोप लगाए थे कि निरीक्षक कपिल जाखड़ उन्हें एक माह में केवल एक ही राशन बांटने के लिए कहते हैं। यानी डिपो संचालक एक महीने में केवल एक ही राशन बांटें और शेष बचे राशन को बाजार में बेच दें। बाजार में राशन बेचने के बाद डिपो संचालक आटे पर उसे 40 रुपए प्रति क्विंटल, बाजरे पर 80 रुपए प्रति क्विंटल और गेहूं पर 200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सुविधाशुल्क दें। आरोप है कि जब डिपो संचालकों ने निरीक्षक कपिल जाखड़ के इस निर्णय का विरोध किया तो निरीक्षक ने उन्हें डिपो की सप्लाई बंद करने की धमकी दी। शिकायत के बाद डीएफएससी ने जांच कमेटी का गठन किया। 19 जुलाई को जांच कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट बनाकर डीएफएससी को सौंपी। जिसे डीएफएससी ने मुख्यालय भेज दिया। सोमवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर निदेशक ने निरीक्षक कपिल जाखड़ को निलंबित कर दिया।
देर से ही सही न्याय जरूर मिला
डिपो संचालक रामपाल, नारायण दास और मनोज कुमार का कहना है कि 12 जुलाई को इंस्पेक्टर के विरुद्ध शिकायत दी थी। इसके बाद कार्रवाई नहीं हुई तो पांच दिन बाद निदेशक के नाम शिकायत भेजी। जांच समिति ने 19 जुलाई को 47 डिपो होल्डरों से इंस्पेक्टर के खिलाफ बयान दर्ज करवाए जबकि कुछ डिपो संचालकों ने उसके पक्ष में भी बयान दर्ज करवाए थे। कपिल जाखड़ का निलंबन न्याय की जीत है। निरीक्षक के लिए काम करने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
कपिल जाखड़ को निलंबित कर दिया गया है
खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक इंद्री कपिल जाखड़ को निलंबित कर दिया है। अब उसे मुख्यालय में रिपोर्ट करनी होगी। उसका खास बताया जा रहा व्यक्ति विभागीय नहीं है, फिर भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। इसके अलावा डिपो संचालक भी उसके खिलाफ शिकायत दे सकते हैं।
-निशांत राठी डीएफएससी करनाल