करनाल। रिश्वत लेते पकड़े गए खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक राजीव को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को अदालत में पेश किया। जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी से टीम को कुछ अहम सबूत मिले हैं। जिनकी टीम जांच कर रही है। वहीं एएफएसओ अमन भी जांच के घेरे में है। अमन ने ही शिकायतकर्ता विकास को बात करने के लिए बुलाया था और फिर निरीक्षक राजीव ने शिकायतकर्ता से रुपये मांगे थे।
एसीबी की टीम का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। जो व्यक्ति इस मामले में आरोपी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खराजपुर डिपो होल्डर रजनी के पति विकास ने एसीबी की टीम को शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी रजनी व उसके भाई विक्रम कुमार के नाम से राशन डिपो है। यह राशन डिपो जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एएफएसओ अमन कुमार व निरीक्षक राजीव खंड कुंजपुरा के अधीन आते हैं।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने उसके राशन डिपो पर स्टेट वेयर हाउस घीड़ के गोदाम से खराब गेहूं भेज दिया था। इस बारे में उसने विभाग के अधिकारी को शिकायत दी थी। इस शिकायत पर जांच के लिए 28 जनवरी को एएफएसओ अमन व निरीक्षक राजीव कुमार उसके राशन डिपो पर आए थे। 31 जनवरी को एएफएसओ अमन ने निरीक्षक राजीव के साथ फोन पर बात कर उसे करनाल बुलाया था। कहा था कि वह खराब गेहूं को बदलवा देंगे। उसी दिन निरीक्षक ने उसे नेवल में मिलने के लिए बुलाया।
इस दौरान निरीक्षक राजीव ने कहा कि एएफएसओ ने राशन डिपो चेकिंग में कुछ गलत रिपोर्ट लिख दी तो तुम्हारी राशन की आपूर्ति बंद हो जाएगी। निरीक्षक राजीव कुमार ने दबाव बनाकर 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उस दौरान उसने निरीक्षक को पांच हजार रुपये एटीएम से निकलवाकर दे दिए।
इसके बाद निरीक्षक ने कहा कि अभी पांच हजार रुपये बाकी हैं। तुम्हारी पत्नी के राशन डिपो पर लगभग 570 क्विंटल राशन का भी वितरण हुआ है। जिसके अलग से 12 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 6850 रुपये कमीशन के बनते हैं। इसलिए 10 हजार रुपये रिश्वत के देने पड़ेंगे। इन्हीं रुपयों को लेते हुए निरीक्षक राजीव को एसीबी की टीम ने मंगलवार को कुंजपुरा कार्यालय से गिरफ्तार किया था।