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सहारनपुर में कराई भ्रूण लिंग जांच और कुरुक्षेत्र में गर्भ में ही मरवा दी बेटी

Tue, 01 Mar 2016 12:29 AM IST
अमर, उजाला ब्यूरो /करनाल
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गर्भपात की जांच करने के लिए महिला को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में दाखिल कराया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव बड़थल निवासी गर्भवती मोना, उसके पति रजनीश व अज्ञात दलाल, सहारनपुर के अल्ट्रासाउंड केंद्र व मीनू क्लीनिक की डॉक्टर मीनू के खिलाफ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट 1994 की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 
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डीसी डॉ. जे. गणेशन को 27 फरवरी को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव बड़थल की किसी गर्भवती महिला मोना ने यूपी के सहारनपुर के किसी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गांव बड़थल के दलाल के माध्यम से गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच कराई है। डॉक्टर ने जांच करके भ्रूण का लिंग लड़की बताया। फिर महिला ने जिला कुरुक्षेत्र के अमीन रोड स्थित मीनू क्लीनिक पर गर्भपात कराया है। डीसी ने सिविल सर्जन को टीम गठित करने के आदेश दिए। 
सिविल सर्जन ने उप सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएचसी तरावड़ी के अधिकारी डॉ. नीरज, डॉ. अंजू, डीसीओ गुरचरण सिंह, प्रोजेक्शनिष्ट सुलेख कुमार, हरीश चंद्र को टीम में शामिल किया। टीम बड़थल गांव में पूछताछ करने के बाद महिला तक पहुंची। और उसको उसके मायके पोंटा साहिब हिमाचल प्रदेश से साथ लाई। फिर उसका करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के अनुसार महिला के गर्भ में गर्भपात करने के बाद भ्रूण के कुछ टुकड़े मिले। डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि टीम महिला को लेकर कुरुक्षेत्र गई। वहां के सिविल सर्जन को महिला का गर्भपात कुरुक्षेत्र में मीनू क्लीनिक के डॉक्टर द्वारा करने के बारे में बताया गया। कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन ने टीम गठित करके करनाल की टीम के साथ कुरुक्षेत्र में अमीन रोड स्थित मीनू क्लीनिक पर भेजी। मगर मीनू क्लीनिक पर ताला लगा था। करनाल की टीम ने करनाल आकर गर्भवती महिला को उपचार के लिए मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में दाखिल करा दिया। इस प्रकार गर्भवती महिला के भ्रूण लिंग जांच कराकर गर्भपात कराने का पर्दाफाश हो गया। टीम ने पूरे मामले में अन्य मामलों की तरह दलाल की भूमिका अधिक मिली। 
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रिकॉर्ड खंगालकर पहुंचे महिला तक डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि टीम ने गांव बड़थल जाकर उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम से गर्भवती औरतों के रिकॉर्ड की छानबीन कर्राई। उसमें पाया कि एक औरत के पहले दो लड़कियां हैं। इस बार वह चार महीने की गर्भवती है। इसकी जांच करते हुए टीम उस महिला के घर तक पहुंची, जहां पर उस महिला की बड़ी बहन व जेठानी मिली। उसने अपनी छोटी बहन के बारे में बताने में काफी आनाकानी की। टीम ने किसी तरह उसे मनाया और उसके बयान दर्ज किए। 
दो बेटियां हैं और अब है बेटे की चाहत स्वास्थ्य विभाग की टीम को महिला मोना की बड़ी बहन ने बताया कि उसकी बहन के दो लड़कियां हैं और उसे लड़का चाहिए था। इस बार भी उसके गर्भ में लड़की थी, जिसका उसने कुरुक्षेत्र के किसी अस्पताल में गर्भपात करवा दिया और अब अपने मायके गई है। टीम द्वारा मायके का पता पूछने पर उसने पोंटा साहिब हिमाचल बताया। कुछ देर के बाद करनाल बताया और जो करनाल का पता बताया वह गलत बताया। टीम ने अपने सूत्रों के जरिये मरीज के मायके का पता करवाया। पता चलने पर टीम उसके घर पर पहुंच गई। उसके मायके के घर में गर्भवती महिला अपने बच्चों सहित मिल गई। टीम ने उसके ब्यान दर्ज किए व वीडियोग्राफी की। 
दो दिन पहले ही कराया गर्भपात गर्भवती मोना ने बताया कि 24 फरवरी से उसके गर्भ पांचवां महीना शुरू हो गया था। उसकी एक लड़की छह साल व दूसरी तीन साल की है। अब वह बेटा पैदा करना चाहती है। टीम में शामिल महिला डॉक्टर ने गर्भवती महिला का पोंटा साहिब में उसके मायके में चेकअप किया व पाया कि उस महिला का दो दिन पहले ही गर्भपात हुआ है।
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