करनाल। लगातार बढ़ते ट्रांसपोर्ट खर्च और पेट्रोल-डीजल के दामों ने फूलों के कारोबार पर सीधा असर डाला है। हिमाचल, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे और दिल्ली मंडियों से आने वाले फूल अब पहले की तुलना में अधिक कीमत पर स्थानीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ने, समय पर सप्लाई न मिलने और गर्मी के कारण फूल जल्दी खराब होने से दुकानदारों को अतिरिक्त नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट में खर्च बढ़ने के कारण फूलों में 15 से 30 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि शादी सीजन न होने के कारण भी फूलों के दाम बढ़े हैं।
फूल कारोबारी दिनेश ने बताया कि इस समय यूपी क्षेत्र से फूल मंगाए जा रहे हैं। बढ़ती गर्मी और डीजल का दाम बढ़ने के कारण कारोबार पर गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। रोजाना ताजे फूल मंगाए जा रहे हैं, ग्राहक इस समय बहुत कम खरीददारी कर रहे हैं। हर माह 10 से 15 हजार रुपये तक ही आमदनी हो रही है। ट्रांसपोर्ट खर्च अधिक होने के कारण बाहर से फूलों को कम मंगाया जा रहा है।
फूल व डेकोरेशन कारोबारी रमेश गुप्ता ने बताया कि फूलों का कारोबार मौसमी होता है। वर्तमान में शादियां कम होने व अन्य समारोह कम होने के कारण फूलों का कारोबार पहले से कम है। ऐसे में सामान्य ताैर पर भी फूलों को रोजाना मंगाया जा रहा है। मांग अधिक और सप्लाई सीमित होने से इनके दाम लगातार ऊपर बने हुए हैं।
फूल विक्रेता दुष्यंत कुमार पहले दिल्ली मंडी से फूल कम खर्च में आ जाते थे लेकिन अब ट्रांसपोर्ट का खर्च काफी बढ़ गया है। गर्मी में फूल जल्दी खराब भी होते हैं, जिससे नुकसान बढ़ रहा है। बाहर से आने वाले फूलों के रेट हर सप्ताह बदल रहे हैं। दाम बढ़ने के कारण अब कई लोग सीमित मात्रा में ही फूल खरीद रहे हैं। होटल, इवेंट कंपनियों और ऑनलाइन फूल डिलीवरी कंपनियों की मांग बढ़ने से भी स्थानीय बाजार प्रभावित हो रहे हैं।
फूल का नाम
पहले का रेट
वर्तमान रेट
गुलाब
120 रुपये किलो
180-220 रुपये किलो
गेंदा
40-50 रुपये किलो
70-90 रुपये किलो
रजनीगंधा
80 रुपये
120-150 रुपये
ऑर्किड
20-25 रुपये प्रति पीस
35-50 रुपये प्रति पीस
बुके
300-400 रुपये
500-700 रुपये
फूल माला
100-150 रुपये
200-300 रुपये