माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। देश के फूल उत्पादक किसानों के समक्ष इस समय फूलों को बेचना बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके समाधान के लिए ऐसे किसानों को एफपीओ के माध्यम से सशक्त करना जरूरी है। साथ ही देश के वैज्ञानिकों से भी खाद्य योग्य फूलों की संभावनाएं खोजने की अपील की गई। फूल उत्पादन और उत्पादकों के लिए शुक्रवार को महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में चिंतन किया गया।
बागवनी के लिए स्मार्ट खेती समाधान पर सजावटी बागवानी विषय पर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत हुई। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर एएसआरबी के पूर्व चेयरमैन डॉ. गुरबचन सिंह ने शिरकत की। चेयरमैन और एमएचयू कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के 16 राज्यों से वैज्ञानिक और फूल उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि डॉ. गुरबचन सिंह ने बताया कि देशभर में फूलों की खेती में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए स्मार्ट फॉर्मिंग समाधान उपलब्ध करना अति आवश्यक हो जाता है। ताकि उत्पादन और उत्पाद को बढ़ावा दिया जा सकें। एमएचयू कुलपति व राष्ट्रीय सम्मेलन के चेयरमैन डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि फूलों के निर्यात की दृष्टि से बढ़ावा देने की बहुत आवश्यकता है। पिछले साल 718 करोड़ रुपये के फूल अमेरिका, कनाडा, नीदरलैंड, मलेशिया आदि देशों में भेजे गए।
स्मार्ट फॉर्मिंग के लिए बहुत से विकल्प वर्टिकल गार्डनिंग, हाइड्रोपोनिक, पोलीहाउस, इंटिग्रेटिड कोल्ड चेन, आधुनिक मशीनरी का आदि का उपयोग करना आवश्यक है। फूलों के क्षेत्र में बहुत से क्षेत्रों में किसानों को स्मार्ट समाधान उपलब्ध कराने की आवश्यकता है, जैसे कृषि अनुसंधान केंद्र, उद्यान विश्वविद्यालय और उद्योगों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
विभिन्न स्टॉलों पर ली उत्पाद की जानकारी
कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा और मुख्य अतिथि डॉ. गुरबचन सिंह ने एमएचयू प्रांगण में देशभर के विभिन्न विभागों और उद्यमियों की ओर से लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। इनमें भाकृअप कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय नई दिल्ली, हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर हिमाचल प्रदेश, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान केंद्र, एनडीआरआई, नितारा त्यागी एग्री इंड्रस्ट्रीज मुरादाबाद यूपी, धानुका एग्रीटैक, मोडेस्टो प्राइवेट लिमिटेड, एमएचयू द्वारा लगाएं गए स्टॉल, अल्फा प्लांटस आदि शामिल रहे। इस दौरान उत्पाद और तकनीक की जानकारी भी ली।