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Karnal News: बाढ़ आई नहीं मुआवजे के लिए कर दिया आवेदन

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अंबाला। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान के सत्यापन, मूल्यांकन और उसके मुआवजे के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर लोगों ने दावे अपलोड कर दिए हैं। मगर अधिकारी जब सत्यापन के लिए जा रहे हैं तो उन्हें हैरान करने वाली जानकारी मिल रही है।
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नायब तहसीलदार यशवंत सिंह ने बताया कि किसी के घर की तरफ बाढ़ का पानी आया नगर और घर का प्लास्ट टूटने को लेकर मुआवजे को आवेदन कर दिया। वहीं, दूसरे मामले में कुछ लोग अधिकारियों को ऐसे भी मिले जिनके घर पर पहले से दरार थी मगर उन्होंने भी मुआवजे के लिए आवेदन किया हुआ है। इन सभी मामलों के सत्यापन के बाद रिपोर्ट अधिाकरियों ने सुपुर्द कर दी है। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आए ऑनलाइन दावों को लेकर शनिवार को अवकाश के लिए भी तहसील में कामकाज चलता दिखाई दिया। शनिवार को पटवारी, पंचायत सचिव, पंचायत जेई, दावे अपलोड करवाने वाले किसानों के घर पहुंचे और सत्यापन किया। इसके बाद पटवारियों ने यह रिपोर्ट तहसील में जमा करवाई। जहां पर इस रिपोर्ट को पटवारी से लेकर कानूनगो, तहसीलदार द्वारा सत्यापित किया गया। इस रिपोर्ट को ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करके उपायुक्त के पोर्टल पर भेज दिया गया। मुआवजे की राशि लोगाें के खातो में रुपये ऑनलाइन ही आएगी।

किसानों ने किया है आवेदन

अंबाला छावनी उपमंडल क्षेत्र में आने वाले अंबाला छावनी और साहा के करीब 88 गांव के 1852 किसानों ने ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर ऑनलाइन दावे अपलोड किए थे। जिसमें उन्होने घर, पशुधन, फसलों, वाणिज्यिक और चल-अचल संपत्ति की क्षति व नुकसान की जानकारी दर्ज करवाई थी। इसी तरह से अंबाला छावनी में 47 गांव के 950 किसानों ने 4784 एकड़ एरिया पंजीकृत किया गया है। वहीं साहा में ई क्षतिपूर्ति पोर्टल 41 गांव के 902 किसानों ने 4022 एकड़ रकबा को लेकर ऑनलाइन दावे अपलोड करवाए हुए थे।
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वर्जन

सत्यापन की रिपोर्ट को पटवारी से लेकर कानूनगो, तहसीलदार द्वारा सत्यापित करवाया गया है। इसके बाद छुट्टी वाले दिन स्टाफ को बुलाकर पोर्टल पर अपलोड करके उपायुक्त के पास भेज दिया गया।
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सतिंद्र सिवाच, एसडीएम, अंबाला छावनी।
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