अंबाला। अंबाला-दिल्ली रेललाइन पर शाहपुर के पास मिले लांस हवलदार पवन शंकर के शव का मामला उलझता जा रहा है। हालांकि पुलिस ने शनिवार फोरेंसिक एक्सपर्ट संग वारदात को नाट्य रूपांतरण कर घटना को समझने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
करीब 45 मिनट तक आरपीएफ, जीआरपी, पड़ाव थाना प्रभारियाें सहित अंबाला कैंट डीएसपी आशीष चौधरी और सीआईए की टीम ने भी फौजी के शव के रूप में नकली डमी यानी पुतले को रखकर पूरा घटनाक्रम दोहराया था। जिस जगह पर शव मिला था, वहां से खून से सने कुछ पत्थरों को भी जांच के लिए जुटाया है। ट्रैक सहित आसपास की झाड़ियों में यह सर्च अभियान चला और उसकी वीडियोग्राफी भी कराई।
पुलिस को न तो मोबाइल मिला और न ही कोई ऐसा सुराग हाथ लगा कि यह स्पष्ट हो सके कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या। अब सभी कि निगाहें एफएसएल रिपोर्ट और मोबाइल की बरामदगी पर टिकी हुई है। वहीं पुलिस को फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टरों द्वारा मधुबन भेजे गए विसरा रिपोर्ट का भी इंतजार है। हालांकि प्राथमिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है लेकिन अधिकारियों ने इसकी कोई पुष्टि नहीं की।
ट्रैक के दोनों तरफ पानी, बहाना पड़ा पसीना
शाहपुर गांव के पास जिस रेलवे ट्रैक किनारे शव मिला था, वहां दोनों तरफ ही जलभराव की स्थिति है। ऐसे में पुलिस की जांच टीमों को पहुंचने के लिए करीब आधा किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर पैदल चलना पड़ा। यहीं बात टीम को खल रही है कि आखिर फौजी पवन शंकर यहां पहुंचा कैसे, रेलवे ट्रैक किनारे पत्थरों पर चलना बेहद मुश्किल है। जांच टीमों ने इस पूरी रास्ते को भी फोन के लिए खंगाला।
बीमा के फेर में उलझा मामला
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मृतक फौजी पवन शंकर ने मौत से कुछ समय पहले ही मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से करीब 1 करोड़ की लागत से बीमा कराया था। यहां तक कि वह लगातार कर्मी के संपर्क में था। ट्रोल फ्री नंबर पर भी दो दिन पहले ही पवन ने कई फोन भी किए थे। इतना ही नहीं खातों में भी बड़ी रकम इधर-उधर होने की बात सामने आ रही है और लेनदेन का मामला भी लग रहा है। ऐसे में पुलिस अब सोमवार को इंश्योरेंस कंपनी, फौजी और पत्नी के खातों की डिटेल जुटाएगी, तभी कुछ कहा जा सकेगा। वहीं साइबर सैल की भी लगातार फोन होने पर नजर है ताकि सही लोकेशन का पता चल सके।
यह है पूरा मामला
बता दें कि लांस हवलदार पवन शंकर बुधवार को मंदिर जाने के लिए निकला था और उसके बाद घर नहीं लौटा था। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित भोगनीपुर के कैलई गांव का रहने वाला था और मई 2022 से अंबाला आर्मी की 40 आर्टिलरी डिविजन सिग्नल रेजिमेंट यूनिट में तैनात था। पड़ाव थाना पुलिस ने लांस हवलदार की यूनिट के सूबेदार की शिकायत पर गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। बुधवार रात 11 बजकर 39 मिनट पर पवन शंकर के नंबर से उसकी पत्नी के पास मैसेज आया था। इसके बाद रात 11 बजकर 42 मिनट पर पवन के व्हाट्सअप पर लास्ट सीन दिखाई दिया। अगले दिन ट्रेन की पटरी के पास पवन शंकर का शव बरामद हुआ। उससे पहले पत्नी के नंबर पर मैसेज आया था कि मैंने आपके पति को खुदा के पास पहुंचा दिया है। पाकिस्तान जिंदाबाद, इंडिया आर्मी को जो करना है वो कर ले, बचा को अपने सैनिक को।
सीन रिक्रिएट करके ट्रेन की स्पीड, पटरी से शव की दूरी और आसपास के एरिया में छानबीन की गई है। अभी जवान का मोबाइल बरामद नहीं हुआ है। सीन ऑफ क्राइम की रिपोर्ट का इंतजार है। एक करोड़ के बीमा मामले को लेकर सोमवार बैंक खुलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पिछले तीन माह की मृतक फौजी व उसके परिवार की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
आशीष चौधरी, डीएसपी अंबाला
शाहपुर गांव के निकट रेलवे ट्रेक किनारे खून से सने पत्थर व घास को साक्ष्य के रूप में जुटाती हुई
शाहपुर गांव के निकट रेलवे ट्रेक किनारे खून से सने पत्थर व घास को साक्ष्य के रूप में जुटाती हुई