पिछले तीन दिन से जिले में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब नांदेड़ साहिब से आए गांव पखाना के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब जिले में कोरोना के आठ एक्टिव केस हो गए हैं। आनन-फानन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव पहुंची और गांव को सील करना शुरू कर दिया। डीसी द्वारा गांव पखाना को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है, जबकि आसपास के इलाकों को बफर जोन बनाया है। गांव से किसी के भी बाहर आने-जाने पर प्रतिबंध है।
एक सप्ताह पहले तरावड़ी के गांव पखाना के 15 सदस्य नांदेड़ साहिब से गांव पहुंचे थे। इसकी सूचना पर प्रशासन की ओर से इन सभी को क्वारंटीन किया गया था और मेडिकल कालेज में इनके सैंपल लिये गए थे। पहली बार लिये गए सैंपल नेगेटिव आये थे, अब दोबारा सैंपल लिये तो पांच के सैंपल पॉजिटिव आये। पॉजिटिव पाये गए लोगों में दंपती, मां, बेटी समेत व्यक्ति की सास भी शामिल हैं, जो गांव गालिब खेड़ी की रहने वाली है। नांदेड़ साहिब से आने के बाद वह गांव नहीं गई थी। अब पांचों मरीजों को कल्पना चावला से कोविड अस्पताल शाहाबाद के आदेश मेडिकल कालेज में भिजवा दिया गया है। प्रशासन ने गांव में एहतियातन नाकेबंदी कर दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आसपास के लोगों के सैंपल ले लिए हैं। पांच केस सामने आते ही एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक, डीएसपी समेत पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव पहुंची और गांव को सील करने की प्रक्रिया में जुट गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की स्क्रीनिंग भी शुरू कर दी है।
30 मई को आये थे गांव
इस परिवार के सदस्य 30 मई की रात महाराष्ट्र के नांदेड स्थित हजूर साहिब गुरुद्वारे से लौटे थे। ये सभी गांव पखाना पहुंचे तो अगले दिन सुबह करनाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और परिवार के 9 सदस्यों के सैंपल लिए थे। तब से 14 दिन के लिये कुंजपुरा स्कूल में क्वारंटीन केन्द्र मे रखा था।
कोई बाहर से आए तो प्रशासन को दें सूचना : उपायुक्त
नए केसों की सूचना मिलने के बाद डीसी निशांत यादव ने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए एक अपील करते कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यदि कोई व्यक्ति बाहर से आता है, तो संबंधित ग्राम पंचायतें, सरपंच या एसएचओ उसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट या जिला प्रशासन को दें। नगर पालिकाएं या निगम क्षेत्र में पार्षद, बाहर से आने वाले व्यक्तियों की सूचना अवश्य प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि जिले में दो-तीन दिन पहले कोरोना का कोई नया केस नहीं था। इस अवधि में जो भी केस आए, वह सभी बाहर से आए हुए व्यक्तियों के हैं, यानि ज्यादातर ट्रेवल हिस्ट्री वाले हैं। अब ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। रेड जोन या एनसीआर से आने वाले ऐसे व्यक्तियों की सूचना प्रशासन को देनी जरूरी है।
जरूरी काम हो तो ही बाहर निकलें
उपायुक्त ने आग्रह किया है कि लॉकडाउन के चलते प्रात: 8 से दोपहर 2 बजे तक सामान्य आवागमन किया गया है, उसके बाद शाम 7 बजे तक बहुत जरूरी काम के लिए बाहर निकलने की अनुमति रहेगी तथा शाम 7 बजे से अगले दिन प्रात: 7 बजे कर्फ्यू की स्थिति रहेगी।