फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच बैंडों और 11 झांकियों से आज चढ़ाया जाएगा देवी पर पंखा

Sun, 06 Oct 2013 10:13 PM IST
करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
महाभारत काल से राजा कर्ण के शहर करनाल में देवी पर पंखा चढ़ाने की महत्वपूर्ण रवायत के मुताबिक सोमवार को तीसरे नवरात्र के दिन भी देवी पर पंखा भेंट करने की रस्म अदा की जाएगी।
विज्ञापन


यह रस्म गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से पूरी की जाएगी। देवी पर पंखा चढ़ाने की तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई है। यह रस्म श्री रामलीला सभा की ओर से पूरी की जाती है। इस रस्म को अदा करने के दौरान शहर के अग्र समाज समेत बिना जाति भेद के विभिन्न जातियों के श्रद्धालु भारी संख्या में पूजा अर्चना करने के लिए अग्रवाल धर्मशाला परिसर मंदिर पहुंचेंगे।

देवी पर पंखा चढ़ाने का दिन भी करनाल शहर के लोगों के लिए किसी विशेष पर्व से कम नहीं होता है। शहर के लोगों के लिए मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां संतोषी को प्रसन्न करने का विशेष अवसर होता है। देवी पर पंखा चढ़ाने के लिए विशेष शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। शोभायात्रा में शामिल भगवान शिव परिवार समेत नौ देवियों के स्वरूप की झांकियों को साथ लेकर शहर के पांच नामी बैंड चलेंगे।
विज्ञापन


शोभायात्रा में राधा-कृष्ण रथ पर विराजमान होंगे। प्रत्येक दो और तीन झांकियों के साथ बैंड चलेगा। शोभायात्रा में शहर के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहेंगे। बैंड की रेहड़ी से भजन मंडली भगवान शिव परिवार, नौ देवियों और राधाकृष्ण की महिमा का गुणगान करेंगे। शोभायात्रा में सर्वप्रथम शिव परिवार की झांकी होगी।

उसके बाद मां शैलपुत्री (मां पार्वती का स्वरूप), मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी व मां सिद्धिदात्री की झांकी होगी। इसके पश्चात श्री राधाकृष्ण की झांकी होगी।

शोभायात्रा शाम करीब पांच बजे श्री रामलीला भवन से प्रारंभ होकर रेलवे रोड होते हुए, मछली मार्केट के साथ चर्च मोड़ से सदर बाजार के मेन रोड के रास्ते नावल्टी चौक, बांसो गेट, चौड़ा बाजार, सर्राफा बाजार, कर्ण गेट, ओल्ड जीटी रोड से होते हुए वापस रेलवे रोड के रास्ते अग्रवाल धर्मशाला पहुंचेगी। इसी धर्मशाला में श्रद्धालु अपनी अटूट आस्था के साथ मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां संतोषी के श्री चरणों में पूजा अर्चना से पंखा अर्पित करेंगे।

सुख, शांति और समृद्धि को चढ़ाया जाता है पंखा
हर किसी को मालूम है। करनाल दानवीर राजा कर्ण की भूमि मानी गई है। लोगों की सुख शांति व समृद्धि के लिए महाभारत काल से ही देवी पर पंखा चढ़ाने की रस्म चली आ रही है। यह रस्म पूर्वजों की ओर से प्रारंभ की गई थी। इसे पूरा करना श्री रामलीला सभा के सदस्य और शहर के लोग अपना सौभाग्य मानते हैं।

उनका युवा पीढ़ी को आह्वान है कि वह इस रस्म को बदस्तूर निभाने के लिए आगे आएं और पूर्वजों के दिखाए मार्ग को अपना कर लोगों के कल्याण में भागीदारी निभाने का सहयोग करने वाले बने।
विज्ञापन

कपिल गर्ग, अध्यक्ष, श्री रामलीला सभा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें