संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। करवाचौथ के शृंगार में सबसे महत्वपूर्ण चूड़ियां होती हैं। कांच की चूड़ियों का स्थान कोई नहीं ले सकता। बाजार में पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन, दोनों तरह की चूड़ियां हैं। दुकानों पर फिरोजाबाद की चूड़ियां और जयपुर से लाए गए कड़े बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। मांग भी इनकी ही अधिक हैं। कुंदन के कड़े और वेलवेट की चूड़ियां पहली पसंद बनी हुई हैं।
स्टोन वर्क वाले कड़े भी पसंद में शामिल हैं। जयपुर के ब्रास के कड़े और मुंबई के अमेरिकन डायमंड (एडी) स्टाइल के कड़े भी खरीदे जा रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि सोशल मीडिया के असर से ग्राहक की पसंद का दायरा बढ़ा है। हालांकि पसंद में लखनवी, फिरोजाबादी और जयपुरी चूड़ियां अपना स्थान बनाए हुए हैं। लखनऊ की मेटलिक डिजाइन वाली और जयपुर की लाख की चूड़ियां की मांग भी की जा रही है।
दयाल सिंह कॉलेज रोड पर चूड़ियों के बाजार में भारत के अलग-अलग राज्यों से चूड़ियां लाई जाती हैं। करवाचौथ के दो महीने पहले ही इन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ होने लगी थी। महिलाएं अपने परिधानों के ट्रेंड के हिसाब से अलग-अलग डिजाइनों में चूड़ियों व कड़ों की मांग करती हैं।
कुंदन के कड़ों का सेट भा रहा
दुकानदार सुनील कुमार ने बताया कि वह पिछले 40 साल से चूड़ियों का व्यापार कर रहे हैं। इस बार स्टॉक में महिलाओं के लिए खास कांच की चूड़ियों के साथ एडी के कड़ों, कुंदन-मोतियों के कड़ों का सेट बनाया गया है। इन्हें पसंद भी किया जा रहा है। महिलाएं वेलवेट की परिधान से मैच करती चूड़ियां खरीद रही हैं।
सीप की चूड़ियां हैं नया ट्रेंड
दुकानदार दिनेश ने बताया कि वह दो महीने पहले ही अपनी दुकान पर करवाचौथ के लिए नया स्टॉक तैयार कर चुके हैं। नया स्टॉक महिलाओं की मांग अनुसार है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर राजस्थान के कड़े और अहमदाबाद सीप की चूड़ियां व कड़े सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। चूड़ियां 40 रुपये दर्जन और कड़े 150 रुपये सेट से शुरू हैं। बाजार में नई शादीशुदा महिलाओं के लिए विशेष रूप से गंगानगर से ब्राइडल चूड़ों का स्टाॅक लाया जाता है। लगभग 100 से अधिक प्रकार के चूड़े हैं।
स्थान प्रकार
फिरोजाबाद कांच व जरकन की चूड़ियां
अहमदाबाद सीप के चूड़े सेट व चूड़ियां
जयपूर ब्रास के कड़े, लाख की चूड़ियां
गंगानगर ब्राइडल कड़े
मुंबई एडी स्टाइल कड़े
पाली प्लास्टिक की चूड़ियां
लखनऊ मेटल की चूड़ियां