भड़काऊ और विवादित बयान देकर चर्चा में रहने वाली और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली साध्वी देवा ठाकुर बचपन से माता बाला सुंदरी की भक्त हैं। छोटी उम्र से ही वह ज्योतिष का कार्य करने लगी थी। करीब 15 साल पहले भगवा चोला पहना और अपना डेरा स्थापित कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे डेरे के भक्त बढ़ने लगे। आसपास के क्षेत्र में डेरे का नाम हुआ तो बाद में अन्य राज्यों में भी साध्वी के कार्यक्रम होने लगे।
हिंदू धर्म को लेकर प्रखर बयान देने वाली साध्वी को करीब दो साल पहले हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक से नवाजा गया था, लेकिन बाद में सार्वजनिक तौर पर महासभा को छोड़ दिया था। बता दें कि गांव ब्रास में साध्वी पढ़ी लिखी हैं और बचपन से ही उनकी रुचि ज्योतिष और आध्यात्म में रही है। माता बाला सुंदरी की भक्त के नाम से ही पूरा गांव उसे जानता था। इसी नाम से अपने डेरे का नाम रख लिया।
देवा फाउंडेशन का गठन किया
करीब पांच साल पहले साध्वी ने देवा फाउंडेशन का गठन किया और खुद उसकी अध्यक्ष बन गईं। उनके डेरे पर सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं समेत अधिकारी भी आते रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी सभी की तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि साध्वी के पास दंडवत होने वालों की कमी नहीं थी और धीरे-धीरे वह प्रदेश के साथ-साथ देश के संतों में अपना स्थान रखने लगी थी। उन्हें हिंदू धर्म पर व्याख्यान के लिए राजस्थान, एमपी और यूपी समेत अन्य राज्यों से निमंत्रण आते थे। साध्वी खुद अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल रखती हैं और पांच से छह हथियारबंद युवक हर समय सुरक्षा में रहते हैं।
अच्छी पोशाक और हथियारों का शौक
अच्छी पोशाक और हथियारों के शौक के कारण आसपास के क्षेत्र में साध्वी का खासा नाम है। सामाजिक मुद्दों पर भी साध्वी कई बार प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं। सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं का मामला हो या फिर अन्य मुद्दे, वे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलती आई हैं।