आईजी कार्यालय के समीप सेक्टर-8 में राइस मिलर सुभाष सिंगला के घर पर गोलियां बरसाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस की सीआईए-वन टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पुलिस ने कार और दो पिस्टल भी बरामद कर ली है, जिसका वारदात में प्रयोग किया गया था। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि बहादुरगढ़ के एक आरोपी के पिता आढ़ती हैं। उनका सुभाष सिंगला के साथ करोड़ों रुपये का लेन देन था, जिसे लेकर उसने इस वारदात को अंजाम दिया है। दूसरी ओर सुभाष सिंगला का कहना है कि उन्होंने सभी रुपये चुका दिये थे। वह उनके बड़े भाई की मौत के मामले में गवाह हैं। इस कारण आरोपी ने उनके घर पर गोलियां चलाई थीं।
सीआईए-वन इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि चार जनवरी की सुबह करीब साढ़े छह बजे काले रंग की कार में सवार होकर बदमाशों ने सुभाष चंद सिंगला निवासी सेक्टर-08 के घर पर 16 राउंड फायरिंग की थी। मामले में सेक्टर-32,33 थाना पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। जांच के लिये उप निरीक्षक रमेश चंद की अध्यक्षता में टीम बनाई गई और साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपी सचिन पुत्र राजबीर निवासी सेक्टर-06 बहादुरगढ जिला झज्जर, प्रदीप निवासी सुडाना थाना कलानौर जिला रोहतक, हर्ष निवासी गांव टीकरी कलां थाना मुण्डका दिल्ली को नमस्ते चौक करनाल से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल आई-20 गाड़ी ब्लैक कलर और दो देशी पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी सचिन के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला दिल्ली में दर्ज है, जिसमें आरोपी जमानत पर बाहर चल रहा था। वहीं प्रदीप के खिलाफ पहले भी हत्या, लूट व डकैती के मामले जिला सोनीपत व रोहतक में दर्ज है।
करनाल नंबर की है कार, वकील का लगा है स्टीकर, पुलिस छुपा रही नाम!
तीनों बदमाशों ने जिस आई-20 कार में सवार होकर वारदात को अंजाम दिया है। वह कार करनाल की है और उस पर किसी वकील का स्टीकर लगा है। हालांकि पुलिस ने कार मालिक के नाम का खुलासा नहीं किया है। वहीं मामला चार लोगों के खिलाफ दर्ज है लेकिन पुलिस ने अभी तीन ही आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रुपये का नहीं है कोई मामला, केस में गवाह होने के कारण चलाई गोली
सुभाष सिंगला ने बताया कि उसके भड़े भाई का आरोपी सचिन के पिता के साथ पांच करोड़ रुपये का लेन देन का मामला था। उसके भाई ने चेक द्वारा सभी रुपये दे दिये थे। 2017 में उनके बड़े भाई ने प्रेम प्लाजा में आरोपी के पिता से परेशान होकर सुसाइड कर लिया था। इस मामले में वह गवाह है। यही कारण है कि आरोपी सचिन ने उन्हें जान से मारने के लिये उनके घर पर गोलियां चलाई हैं। कोरोना के कारण अभी तक उस केस में उनकी गवाई नहीं हुई है।