तरावड़ी के सौंकड़ा रोड पर स्थित 521 राइस मिल में अचानक आग लग गई। आग लगने के कारण चावलों से भरे प्लास्टिक के कट्टों के साथ-साथ बारदाना और काफी सामान जलकर राख हो गया। चावल से भरे प्लास्टिक के कट्टों और बारदाने में आग लगने के कारण ऊंची-ऊंची आग की लपटें शुरू हो गई। जैसे ही आग से निकलने वाला धुआं ऊपर फैला तो आसपास के लोग इधर-उधर भागने लगे। वहीं, सौंकड़ा रोड पर स्थित दुकानदार भी दुकानें छोड़कर दूर खड़े हो गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आग लगने के कारणों और नुकसान का पता नहीं चल पाया था। बताया जा रहा है कि तरावड़ी के 521 राइस मिल में कर्मचारी काम कर रहे थे। वहीं राइस मिल के पीछे वाली जगह पर बारदाना रखा हुआ था। अचानक उसमें आग लग गई। धीरे-धीरे यह आग जीरी के कट्टों और अन्य सामान तक पहुंच गई। आग ने काफी सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। आनन-फानन में इसकी सूचना फायर ब्रिगेड और दी गई। फायर ऑफिसर रामपाल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी। सूचना मिलने के तुंरत बाद तरावड़ी व नीलोखेड़ी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर भेजवाया गया। दोनों फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने मौके पर आग पर काबू पा लिया। यदि समय पर फायर ब्रिगेड की दोनों गाड़ियां नहीं पहुंची तो आगजनी की घटना में जानमाल का नुकसान हो सकता था। क्योंकि धीरे-धीरे आग भयंकर रूप धारण कर रही थी और मिल में कर्मचारी काम भी कर रहे थे। राइस मिल के उद्योगपति एवं नगर पालिका के उप-चेयरमैन पंकज गोयल ने बताया कि नुकसान का अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने बताया कि आग लगने का कारण शायद शार्ट- सर्किट हो सकता है।
दुकानें छोड़ भागे दुकानदार
521 राइस मिल में लगी आग के कारण ऊपर धुआं और आग की लपटें शुरू हो गई। आग की लपटें देखकर दुकानदार दुकानेें छोड़कर बाहर निकल गए और आसपास के लोग भी दूर खड़े हो गए। धीरे-धीरे आग की लपटें भयंकर रूप ले रही थी। यदि समय पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचती तो शायद एक बड़ा हादसा भी घटित हो सकता है। क्योंकि प्लास्टिक के कट्टे में लगातार आग बढ़ रही थी। कर्मचारियों ने जान की परवाह न करते हुए बोरियों के ऊपर चढ़कर आग पर काबू पाया।