एक और दो फरवरी को करनाल के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित होने वाली अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए तैयारी मुकम्मल कर ली गई है। दूसरी ओर, स्थानीय पंचायत भवन में आयोजित बैठक में डीसी बलराज सिंह ने साफ किया कि एचटेट परीक्षाएं नकल रहित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाई जाएंगी।
ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी, किसी भी सूरत में नकल नहीं करने दी जाएगी। किसी परीक्षार्थी के स्थान पर दूसरे के परीक्षा में बैठने और नकल करतेे पाए जाने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बैठक में एसपी अभिषेक गर्ग भी मौजूद थे।
परीक्षा केंद्राें के अधीक्षकों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सुपरवाइजरों को संबोधित करते डीसी ने कहा कि परीक्षा के लिए जारी शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों को सभी अच्छी तरह पढ़ लें। केंद्र अधीक्षक अपने-अपने केंद्रों पर बनाए गए सिटिंग प्लान को अच्छी तरह चेक कर सुनिश्चित कर लें।
किस परीक्षा केंद्र पर कितने परीक्षार्थी बैठेंगेे, उनके रोल नंबरों की स्लिप परीक्षा केंद्र के बाहर चस्पा करवा दें। परीक्षा में बैठने वाले परीक्षार्थियों की चेकिंग करके ही अंदर जाने दें।
केंद्र पर इनका प्रवेश प्रात: 9 बजे से शुरू कर सकते हैं, लेकिन नियत समय पर यानी साढ़े 10 बजे परीक्षा प्रारंभ हो जानी चाहिए। किसी कारण से लेट होने वाले परीक्षार्थी के लिए 20 मिनट यानी 9 बजकर 50 मिनट तक प्रवेश की अनुमति रहेगी, उसके बाद नहीं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा हाल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। विकसित हो चुकी टेक्नोलॉजी से नए-नए माइक्रो फोन आ गए हैं, उनकी भी चेकिंग की जानी लाजमी है।
परीक्षा केंद्र के अंदर बैठ जाने के बाद परिक्षार्थी और केंद्र अधीक्षक बाहर नहीं जाएगा, परीक्षा समाप्त होने पर ही बाहर आने की अनुमति मिलेगी। ड्यूटी पर तैनात केंद्र अधीक्षक मोबाइल साइलेंट करके रख सकते हैं, लेकिन निजी काल के लिए उसका प्रयोग वर्जित रहेगा है। किसी भी हाल में पेपर लीक नहीं होना चाहिए।
एसपी अभिषेक गर्ग ने कहा कि एचटेट परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए पुलिस के पुख्ता प्रबंध रहेंगे। पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मिलकर हर सेंटर पर संयुक्त रूप से जांच करेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से पहले ही धारा 144 लागू है, इसलिए आदेशों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अनुचित तरीके का प्रयोग कर दोषी पाए गए परीक्षार्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी, इसमें किसी का लिहाज नहीं किया जाएगा।
मौलिक शिक्षा विभाग हरियाणा के अतिरिक्त निदेशक एसके जैन ने बताया कि केंद्र अधीक्षक ने पर्यवेक्षक खुद लगाने हैं। अन्य कर्मचारियों में उन्हीं की ड्यूटी लगाई जाए, जिनका रिकार्ड अच्छा हो।
दो दिन होगी परीक्षा
जिला शिक्षा अधिकारी आशा मुंजाल ने बताया कि जिला में 34 केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्र पर एक-एक अधीक्षक रहेगा। शनिवार को स्कूल लेक्चरार (लेवल 3) की एक ही परीक्षा ली जाएगी, जबकि रविवार के दिन (लेवल 1 व 2) यानी प्राइमरी व मास्टर के लिए पात्रता परीक्षाएं ली जाएंगी।
एक केंद्र पर 310 परीक्षार्थी के परीक्षा देने की व्यवस्था की गई है। पहले दिन 7750 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। अगले दिन यानी रविवार को 21 हजार 50 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में कुल 28 हजार 800 परीक्षार्थी परीक्षा के लिए आएंगे। दृष्टिहीन परीक्षार्थी को निधारित समय से 50 मिनट अधिक मिलेंगे।
नकल और दूसरे की जगह परीक्षा देने पकड़ने की स्थिति में यूएमसी केस मुख्य उत्तरपुस्तिका के साथ ही जाएगा। परीक्षा का समय शनिवार को प्रात: साढ़े 10 से एक बजे तक रहेगा जबकि रविवार के दिन प्रात: के सत्र में यही समय और द्वितीय सत्र 3 से साढ़े 5 बजे तक का होगा।
उन्होंने बताया कि चार उड़नदस्ते बनाए गए हैं। इनमें डीसी, जिला शिक्षा अधिकारी, नोडल आफिसर यानी एसडीएम करनाल और चौथा दस्ता एजुकेशन बोर्ड के अधिकारी का रहेगा। डीसी के उड़नदस्ते में एडीसी करनाल शामिल रहेंगे।
धारा 144 लगाई
परीक्षा के लिए जिलाधीश करनाल की ओर से जारी आदेशों के तहत परीक्षा केंद्रों की 200 मीटर की परिधि में 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर इकट्ठा होने, किसी भी व्यक्ति द्वारा आगभनेयस्त्र, लाठी, भाला, बरछा, जेली, गंडासा, चाकू जैसे घातक हथियारों को लेकर चलने पर निषेधाज्ञा रहेगी। आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जारी यह आदेश 28 जनवरी से जिला में लागू हो गए हैं, जो 2 फरवरी 2014 तक लागू रहेंगे।